रायपुर : कांकेर जिले के आमाबेड़ा क्षेत्र में हुई हिंसा और कथित धर्मांतरण के विरोध में बुधवार को बुलाए गये छत्तीसगढ़ बंद का असर राजधानी में भी देखने को मिला था। यहाँ सुबह से ही शहर के अधिकांश बाजार, स्कूल, निजी संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। हालांकि बंद के बीच राजधानी में हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए, जब विभिन्न हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और इसी बीच राजधानी रायपुर के मैग्नेटो मॉल में क्रिसमस की सजावट में तोड़फोड़ कर दी, अब इस मामले में पुलिस ने कार्यवाही की है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। घटना बुधवार को राज्य में कथित धर्मांतरण के विरोध में हिंदू संगठनों द्वारा बुलाए गए एक दिन के ‘छत्तीसगढ़ बंद’ के दौरान हुई थी। इस दौरान लाठी-डंडे लिए लोगों के एक समूह ने शहर के तेलीबांधा क्षेत्र के अंतर्गत ‘मैग्नेटो मॉल’ में कथित तौर पर घुसकर हंगामा किया था।
इस मामले में रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उम्मेद सिंह ने बताया कि मॉल कर्मचारियों की शिकायत के आधार पर 30-40 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस मामले को लेकर सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि कुछ आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जायेगी। वहीँ हिन्दू संगठनों ने इस कार्यवाही को लेकर नाराजगी जताई है।
50 लोग रॉड लेकर आये :
वहीँ पुलिस ने बताया है कि मॉल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में एक समूह को लाठियों के साथ परिसर में घुसते और संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए देखा जा सकता है। मैग्नेटो मॉल प्रबंधन के अनुसार, लगभग 40-50 लोग रॉड और हॉकी स्टिक लेकर मॉल में आ गये थे। मॉल के कर्मचारियों ने बताया कि बंद के समर्थन में मॉल के आधिकारिक तौर पर बंद होने के बावजूद यह घटना हुई है, जबरदस्ती मॉल में घुसकर आये थे और क्रिसमस की सजावट को लेकर नाराजगी जताई और तोड़फोड़ की।
क्रिसमस की सजावट को पहुंचाया था नुकसान :
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें प्रदर्शनकारी नारे लगाते और मॉल के अंदर और बाहर दोनों जगह क्रिसमस की सजावट को नुकसान पहुंचाते दिख रहे हैं। परिसर के अंदर के दृश्यों में एक क्रिसमस ट्री और उत्सव का सजावट बिखरा हुआ दिख रहा है। बुधवार को छत्तीसगढ़ में एक दिन के बंद का व्यापक असर रहा, लोगों ने खुद ही इसका समर्थन किया, कई शहरों में जनजीवन बाधित रहा, जबकि अन्य शहरों में इसका आंशिक असर देखा गया। यह छत्तीसगढ़ बंद राज्य के कांकेर जिले में एक ईसाई व्यक्ति को दफनाने को लेकर हाल में हुई झड़प के बाद बुलाया गया था।



