बिजनौर (उ.प्र.) : जिले के नजीबाबाद हाईवे पर 21 दिसंबर के दिन पुलिस ने एक युवक का शव बरामद किया था। मृतक की पहचान समीर के तौर पर हुई थी फिर घटना के बाद समीर के पिता दिलशाद भी सामने आये और उन्होंने समीर की हत्या का मामला दर्ज करवाया। मामले में पिता का कहना था कि बेटे की हत्या हुई है, जिसे हादसा दिखाया गया है। इसके साथ ही पोस्टमॉर्टम में भी हत्या की बात सामने आई। पुलिस ने जब इस मामले की जांच की तो ऐसी कहानी पता चली, जिसने पुलिस को भी हैरान करके रख दिया।
घटना की जांच में सामने आया है कि समीर अपनी ही चचेरी बहन का दीवाना हो गया था वह किसी भी कीमत पर उसके साथ संबंध बनाना चाहता था। वह जबरन उसके साथ प्रेम संबंध स्थापित करना चाहता था। उसकी ये चाहत ही उसकी हत्या की वजह बनी और समीर को गहरे जाल में फंसाकर उसके मार डाला गया। समीर की मौत से उसके घरवालों को गहरा सदमा लगा है, वहीँ इस मामले के समाधान को लेकर समीर के चाचा के साथ भी चौंकाने वाली घटना हो गई, जिसके कारण यह हत्या का मामला सामने आया है।
चाचा ने समझाया मगर पीछे नहीं हटा वो :
मामले को लेकर पुलिस की जांच में सामने आया है कि समीर अपनी ही चचेरी बहन से जबरन प्रेम संबंध बनाना चाहता था। लेकिन उसके चाचा रफीक इसके खिलाफ थे। चाचा ने इस बात को लेकर उसे कई बार समझाया। मगर वह नहीं माना, मामले को लेकर फिर उसके ऊपर केस भी दर्ज करवाया गया और वह जेल भी गया। लेकिन वापस आने के बाद भी चचेरी बहन को लेकर उसका एकतरफा प्यार कम नहीं हुआ, जिसको लेकर पारिवारिक बवाल जारी रहा।
एक दिन परेशान चाचा ने ये बात दिल्ली के रहने वाले अपने दोस्त जैनुल को बता दी। इसके बाद जैनुल ने समीर के साथ खेल भी खेला और परेशान चाचा से लाखों रुपये भी ले लिये, दोनों चाचा भतीजे की इस समस्या का फायदा जैनुल ने उठाया। मगर तब तक हत्या करने की कोई बात नहीं की गई थी, फिर भी आखिर में समीर को मार ही डाला गया।
इस मामले में मिली जानकारी के मुताबिक, जैनुल ने समीर के चाचा से कहा कि समीर आपकी बेटी का पीछा छोड़ देगा। मगर इसके लिए करीब 20 लाख रुपए खर्च होंगे। इसको लेकर चाचा रफीक ने भी हां कर दी और 5 लाख रुपये दे दिए। इस तरह जैनुल ने चाचा से उक्त रकम की ठगी की, वहीँ इसके बाद जैनुल ने सबसे पहले एक लड़की के नाम पर फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाई और उसके बाद समीर से संपर्क किया और फिर समीर से लड़की बनकर बात भी करने लगा।
तंत्र-मंत्र का भी लिया सहारा :
इसी दौरान जैनुल ने नजीबाबाद के रहने वाले अपने एक तांत्रिक साथी अरशद को भी इस घटना में अपने साथ मिल लिया और तंत्र क्रिया के माध्यम से समीर का ब्रेनवॉश करने की कोशिश की गई। कोशिश की गई कि वह लड़की को भूल जाए, लेकिन कुछ भी काम नहीं आया और समीर लड़की के पीछे ही पड़ा रहा। मामला हल ना होते देख जैनुल परेशान हो गया और उसने आखिर में समीर को मारने की ही साजिश रच डाली। इसके लिए उसने अपने दो अन्य साथी आरिफ और सलीम को अपने साथ मिला लिया था। फिर 20 दिसंबर को जैनुल ने समीर को फोन पर मिलने के लिए बुलाया। कहा गया कि वो लड़की भी आ रही है। समीर भी बाइक पर वहां आ गया। समीर ने लड़की के बारे में पूछा तो वहां जैनुल एक गाड़ी लेकर आ गया, जिसमें उसके 2 साथी पहले से ही बैठे थे।
फिर समीर को मार डाला :
समीर को यह कहते हुए गाड़ी में बैठा लिया गया कि लड़की भी आने वाली है। वह उसी का इंतजार कर रहे हैं, इसके बाद जैसे ही समीर पिछली सीट पर गाड़ी में बैठा, वैसे ही पीछे बैठे जैनुल के दोनों साथियों ने मफलर से समीर का गला दबा दिया और उसकी हत्या कर डाली। हत्या का हादसा का रंग देने के लिए बाइक हाईवे के किनारे खड़ी कर दी और लाश पास में ही फेक दी गई और सभी वहां से भाग गये। इस पूरे मामले को लेकर एसपी सिटी कृष्ण गोपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने घटना में शामिल मृतक के चाचा रफीक, उसके दो चचेरे भाई राहत और रफत और तांत्रिक अरशद को फिलहाल गिरफ्तार कर लिया है। जैनुल और उसके दो अन्य साथी आरिफ और सलीम फरार हैं, इनकी तलाश की जा रही है, जल्द ही उन्हें भी पकड़ लिया जायेगा।



