बलरामपुर : जिले के धान उपार्जन केन्द्रों पर रोज सुबह धान खरीदी के लिए किसान पहुंच रहे हैं। जहां उनके लिए बोरी में भरा धान सिर्फ फसल नहीं होता, बल्कि उसमें उनके मेहनत, उम्मीद और भविष्य के सपने भी बंधे होते हैं। इन्हीं सपनों में से एक सपना है ग्राम भैंसामुण्डा के किसान श्री वीरेंद्र कुशवाहा का। विकासखंड बलरामपुर स्थित धान उपार्जन केन्द्र महाराजगंज में जब श्री वीरेंद्र कुशवाहा 83 बोरी धान लेकर पहुँचे, तो उनके चेहरे पर संतोष साफ झलक रहा था। श्री वीरेंद्र बताते हैं कि इस वित्तीय वर्ष में वे कुल 333 बोरी धान का विक्रय करेंगे, जिसमें से 83 बोरी धान के लिए प्रथम टोकन जारी किया गया है। वे कहते हैं कि पारदर्शी और सुव्यवस्थित व्यवस्था के चलते उन्हें न किसी प्रकार की परेशानी हुई और न ही किसी बिचौलिए पर निर्भर रहना पड़ा। इस तरह उन्होंने सरकार की कार्य की प्रशंसा की।
श्री कुशवाहा बताते हैं कि इस बार धान विक्रय से प्राप्त होने वाली राशि से अपने जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत करेंगे। वे राशि से अपना विवाह करेंगे। उनकी मेहनत और शासन की समर्थन मूल्य नीति ने उन्हें आर्थिक मजबूती दी है, जिससे वे अपने जीवन का महत्वपूर्ण निर्णय आत्मविश्वास के साथ ले पा रहे हैं। साथ ही वे खेती-बाड़ी में निवेश कर कृषि कार्यों को और बेहतर बनाने की भी योजना बना रहे हैं। श्री वीरेंद्र कुशवाहा कहते हैं समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से हमें हमारी फसल का सही दाम मिल रहा है। इससे किसान मजबूत हो रहे हैं और अपने भविष्य की योजना बना रहे है। उन्होंने किसानों के हित में राज्य शासन द्वारा की जा रही समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। ऐसे ही कई किसान लगातार सरकार की नीतियों से लाभान्वित हो रहे है।



