डोंगरगढ़ : महिला वर्ग कहीं भी सुरक्षित नहीं है, वहीँ बच्चियों और छात्राओं के साथ भी घिनौनी हरकतें करने से बदमाश बाज नहीं आते, वहीँ सामने आया मामला है, जहाँ डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र में कॉलेज छात्राओं से छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार करने वाले एक निजी बस के कंडक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह आरोपी लंबे समय से छात्राओं को परेशान कर रहा था, जिसके बाद आखिरकार युवतियों ने हिम्मत जुटाई और अपने परिजनों के साथ थाने पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
पीड़ित छात्राओं ने पुलिस को बताया है कि कॉलेज आने-जाने के दौरान बस में सफर करते समय आरोपी कंडक्टर जानबूझकर उनके साथ अभद्र व्यवहार करता था, अशोभनीय टिप्पणियां करता और बार-बार उन्हें असहज स्थिति में डालता था, गन्दी बातें करता था, जिससे छात्रायें शर्म से पानी पानी होती थी। वहीँ आरोपी की इन हरकतों से छात्राएं भय और तनाव में थीं, लेकिन रोजाना उसी बस से सफर करने की मजबूरी के चलते वे काफी समय तक चुप रहीं।
शिकायत के बाद पुलिस की त्वरित कार्यवाही की :
छात्राओं की शिकायत मिलते ही डोंगरगढ़ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच शुरू की। प्राथमिक जांच और छात्राओं के बयान के आधार पर पुलिस ने आरोपी बस कंडक्टर नेतराम यादव, निवासी सुकुलदैहान, को हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद उसके खिलाफ वैधानिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
महिलाओं की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं : एडिशनल एसपी
इस मामले में एडिशनल एसपी पुष्पेंद्र नायक ने बताया है कि छात्राओं के स्पष्ट और सुसंगत बयान के आधार पर आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की गई है। उन्होंने कहा, “महिलाओं और छात्राओं की गरिमा व सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जायेगा। सार्वजनिक परिवहन में इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।”
क्षेत्र में राहत, निगरानी बढ़ाने की मांग :
वहीँ आरोपी की गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में पुलिस की तत्परता की सराहना की जा रही है। छात्राओं और उनके अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। साथ ही उन्होंने मांग की है कि कॉलेज मार्गों पर चलने वाले निजी वाहनों और बसों में नियमित निगरानी, सत्यापन और सख्ती की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस मामले में छात्रायें काफी डरी सहमी हुई रहती थी। उन्हें समाजिक बदनामी का भी डर था, अब उन्होंने राहत की सांस ली है।



