रायपुर : छत्तीसगढ़ में 10 जून, 2024 को उग्र भीड़ ने कलेक्टर और एसपी कार्यालय में आगजनी की थी। इस मामले में अब पुलिस ने क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव और जिला अध्यक्ष दिनेश वर्मा को हिरासत में लिया है। दिनेश, अमित बघेल का करीबी माना जाता है। दोनों के खिलाफ बलौदाबाजार आगजनी घटना में संलिप्तता मिलने के बाद पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ करने की जानकारी सामने आई है, बलौदाबाज़ार हिंसा को एक सुनियोजित षड्यंत्र बताया गया है, जिससे सतनामी समाज का नाम खराब हुआ था।
जानिये क्या है पूरा मामला
10 जून 2024 को सतनामी समाज ने गिरौदपुरी से लगे महकोनी स्थित अमर गुफा में जोड़ा जैतखाम काटे जाने की घटना और उस पर पुलिस द्वारा की गई कार्यवाही के विरोध में बलौदाबाजार के दशहरा मैदान में बड़ा प्रदर्शन किया था। विरोध-प्रदर्शन के दौरान हालात अचानक बेकाबू हो गए और देखते ही देखते तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं शुरू हो गई थी।
मामले के अनुसार यह विरोध 15 और 16 मई 2024 की दरमियानी रात कुछ असामाजिक तत्वों ने गिरौधपुरी धाम में सतनामी समाज के धार्मिक स्थल के पूज्य जैतखाम में तोड़फोड़ की थी। इस घटना के बाद मामले में कार्यवाही करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिसमें पुलिस की इस कार्यवाही से सतनामी समाज के लोग असंतुष्ट बताये गये थे और न्यायिक जांच की मांग कर रहे थे। जिसके बाद गृहमंत्री विजय शर्मा ने न्यायिक जांच की घोषणा की. वहीं 10 जून को जैतखाम में तोड़फोड़ के विरोध में हजारों लोग कलेक्ट्रेट के पास एकत्र हुए और जमकर हंगामा किया।
जिसके बाद यहां प्रदर्शन हिंसक हो गया था, जिसके बाद उपद्रवियों ने तांडव मचाते हुए कलेक्टर और एसपी कार्यालय को आग के हवाले कर दिया था, घटना के बाद जांच में यह मामला सुनियोजित बताया गया था, वहीं इस हिंसक घटना में सरकारी संपत्तियों को 12.53 करोड़ रुपये का भारी नुकसान पहुंचा था। इस मामले में प्रशासन ने कार्यवाही करते हुए 43 मामलों में 187 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस घटना के बाद सतनामी समाज ने खेद भी जताया था और मामले में बात उठी थी कि यह एक षड्यंत्र के तहत की गई घटना थी, जिस पर अब कार्यवाही चल रही है।
विधायक देवेंद्र यादव भी हुए थे गिरफ्तार :
इस मामले में विधायक देवेंद्र यादव को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। वह पूछताछ के लिए बलौदाबाजार भी पहुंचे थे। इसके बाद उन्हें 17 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था। उस समय कार्यवाही में इस मामले में करीब 200 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। वहीँ सुप्रीम कोर्ट से 20 फरवरी को उन्हें जमानत मिली थी। इसके अलावा हाईकोर्ट से सतनामी समाज के 112 युवाओं को जमानत मिली थी, इससे पहले 60 से अधिक आरोपी जमानत पर रिहा हुए थे। वहीँ इस मामले में जाँच और कार्यवाही को लेकर अजय यादव और दिनेश वर्मा को गिरफ्त में लिया गया है। ये छत्तीसगढ़िया क्रांति से जुड़े हुये बताये गये है।
सामने आई पुलिस की चौंकाने वाली कार्यवाही :
पुलिस ने इस मामले में बताया है कि शनिवार-रविवार दरमियानी रात को जिला बलौदा बाजार-भाटापारा पुलिस द्वारा छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव (51), पिता रामकुमार, निवासी धरम नगर पचपेड़ी नाका रायपुर जिला रायपुर और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के सह सचिव दिनेश वर्मा उर्फ मंडल (51), पिता चैतराम, निवासी दुबे कॉलोनी रायपुर जिला रायपुर को रायपुर से हिरासत में लिया गया है।
पुलिस के अनुसार उक्त दोनों ही आरोपियों का प्रकरण के प्रारंभ से ही नाम था और दोनों आरोपियों को पुलिस तलाश कर रही थी। पुलिस से बचने के लिए आरोपियों द्वारा बार-बार अपना ठिकाना बदला जा रहा था। लगातार पतासाजी के बाद शनिवार-रविवार दरमियानी रात को आखिरकार दोनों ही आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जबकि बीते ढाई माह से ये लोग विवादित बोले के अमित बघेल के समर्थन में ये लोग लगातार सड़कों पर थे, अजय यादव का इंटरव्यू भी उस समय सार्वजनिक रूप से चला था, वह लगातार अमित बघेल साथ था, ऐसे में पुलिस की कार्यवाही पर भी सवाल उठते है, जबकि सोशल मीडिया प्रयोग करने वाले की लोकेशन आसानी से पकड़ में आ जाती है?
वहीँ पुलिस ने आगे बताया है कि दोनों आरोपियों को बलौदाबाजार में 10 जून 2024 को कलेक्ट्रेट में घटित तोड़फोड़ एवं आगजनी की घटना के संबंध में थाना सिटी कोतवाली में पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 378/2024 के मामले में गिरफ्तार किया गया है। उक्त दोनों आरोपियों को मिलाकर बलौदाबाजार में घटित तोडफ़ोड़ एवं आगजनी प्रकरण में अब तक कुल 198 आरोपियों को गिरफ्तारी की गई है।



