वैलेंटाइन डे को लेकर बजरंग दल ने प्रेमी जोड़ों के लिये जारी की चेतावनी, खुलेआम अश्लीलता बर्दाश्त नहीं की जायेगी। गौसेवक ओमेश बिसेन ने कहा माता-पिता की करें सेवा।

रायपुर : वैलेंटाइन सप्ताह की शुरुआत हो चुकी है, और संस्कृति के रक्षक भी तैयार है। जहाँ एक तरफ प्रेमी जोड़े अपने प्रेम की अभिव्यक्ति करने के लिए तरह-तरह से तैयारी कर रहे हैं। वहीँ इसी बीच उनके लिए एक तनाव भरी खबर भी राजधानी रायपुर से सामने आई है, जहां बजरंग दल ने प्रेमी युगलों के लिए सख्त चेतावनी जारी की है, यह मामला हर वर्ष का है, जहाँ लोग बजरंग दल का विरोध करते है तो वहीँ उनको ये भी पता होना चाहिये कि सार्वजनिक स्थल पर भी अश्लीलता फैलाना कानूनन जुर्म है।

वहीँ मंगलवार को तेलीबांधा स्थित बजरंगबली के मंदिर में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा के पाठ के साथ पूजा-अर्चना की। उन्होंने शस्त्र पूजन के साथ बजरंग दल ने प्रेमी युगलों को चेतावनी देते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में वैलेंटाइन डे का कोई स्थान नहीं है। 14 फरवरी को वैलेंनटाइन की जगह मातृ– पितृ दिवस मनायें। यदि युवा इस दिन वैलेंटाइन डे मनाते हैं और भारतीय संस्कृति के मूल्यों के खिलाफ जाकर अश्लीलता फैलाते हैं तो बजरंग दल इसका कड़ा प्रतिकार करेगा और ऐसे युवाओं को सबक भी सिखायेगा। इसके अंतर्गत अगर कोई प्रेमी जोड़ा पकड़ाया तो उसका विवाह भी करवाया जा सकता है, अथवा उसके खिलाफ अन्य तरीका भी अपनाया जा सकता है।

वहीँ शस्त्र पूजन के दौरान बड़ी संख्या में मौजूद बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं है, परंतु भारतीय संस्कृति के पारिवारिक मूल्यों के उल्लंघन को भी वे कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। प्रेम सार्वजनिक प्रदर्शन की चीज नहीं हो सकती। पार्कों, होटलों, सार्वजनिक स्थानों में प्रेम की अभिव्यक्ति के नाम पर फूहड़ता करने वालों के खिलाफ वह कड़ी कार्यवाही कर उन्हें भारतीय संस्कृति से परिचित करवायेंगे, माता – पिता को भी चाहिये कि वो अपने बच्चों पर नजर बनाये रखें।

गौसेवक ओमेश बिसेन ने कहा :

वैलेंटाइन डे को लेकर गौसेवक ओमेश बिसेन ने कहा है कि यह भारतीय संस्कृति से सम्बद्ध नहीं है, बल्कि युवाओं की भावनाओं से खेलकर और उनका जीवन बर्बाद करने एक व्यवसायिक तरीका है, इस उत्सव का बहिष्कार करें और इस दिन अपने माता-पिता से प्रेम जताकर उनका मान सम्मान करें, मातृ-पितृ पूजन दिवस मनायें, भारतीय संस्कृति को दूषित ना करें, और इसके साथ ही पुलिस प्रशासन को भी इस दिन होटलों और लॉज में कार्यवाही करनी चाहिये।