रायपुर : किसी भी व्यापार को खोलने के नियम होते है तो वहीँ कुछ व्यापारों को खोलने के लिये काफी ज्यादा कठिन होते है, ऐसे में अब छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने प्रदेश की नई आबकारी नीति में बड़े बदलाव करते हुए होटल, रेस्टोरेंट और क्लब संचालकों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने नए शराब के व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लाईसेंस फीस में भारी कमी की है, जिससे अब राज्य में बार खोलना पहले के मुकाबले काफी सस्ता हो जाएगा। इससे कई नये लोग भी शुरू कर पायेंगे।
इन बड़े बदलावों पर एक नजर :
- लाईसेंस फीस में 6 लाख की बचत : राज्य सरकार ने उन शहरों के लिए बड़ा फैसला लिया है जिनकी आबादी 7 लाख से अधिक है। यहां FL-2 (क) और FL-3 (क) श्रेणी के बार के लिए लाइसेंस शुल्क को 24 लाख रुपये से घटाकर 18 लाख रुपये कर दिया गया है, जो राहत वाली बात है।
- बैंक गारंटी में भी राहत : केवल लाईसेंस फीस ही नहीं, बल्कि सरकार ने अनिवार्य बैंक गारंटी की राशि को भी कम कर दिया है। इससे नए कारोबारियों पर शुरुआती वित्तीय बोझ कम होगा और इन्वेस्टमेंट बढ़ेगा।
- 3-स्टार होटलों को फायदा : क्लबों के साथ-साथ थ्री-स्टार और उससे ऊपर की श्रेणी वाले होटलों की लाइसेंस फीस में भी रियायत दी गई है, जिसका लाभ सभी कारोबारी उठा सकते है।
रायपुर एयरपोर्ट पर मिलेगी विदेशी शराब :
इस नई नीति का सबसे चर्चित हिस्सा राजधानी रायपुर का स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा भी है, जहाँ अब शराब भी मिल सकेगी। साल 2026-27 के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट के तहत एयरपोर्ट पर बार खोलने की अनुमति दे दी गई है। ऐसे में एयरपोर्ट अथॉरिटी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिलने के बाद अब यात्री वहां के रेस्टोरेंट्स में विदेशी शराब का आनंद ले सकेंगे। माना जा रहा है कि इस फैसले से पर्यटकों और यात्रियों के अनुभव में सुधार होगा।
समय में कोई बदलाव नहीं :
भले ही फीस और नियमों में ढील दी गई है, लेकिन बार संचालन के समय को लेकर सख्ती बरकरार है। पहले की तरह पूरे प्रदेश में बार सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक ही संचालित किए जा सकेंगे। समय-सीमा में किसी भी तरह का विस्तार नहीं किया गया है। जबकि अंदरूनी तौर पर शराबखोरी जारी रहती है। वहीँ आपको बता दें कि सरकार के इस कदम को व्यापारिक दृष्टिकोण से ‘Ease of Doing Business’ को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है, जिससे पर्यटन और आबकारी राजस्व दोनों में बढ़ोतरी की उम्मीद है।



