रायपुर : ठगबाजी के मामलों से जहाँ आम आदमी काफी परेशान है तो पुलिस को भी ठगबाज चैन की सांस नहीं लेने दे रहे है, पुलिस भी लगातार इन पर अपना शिकंजा कस रही है। ऐसे ही एक मामले में राजधानी रायपुर की पुलिस ने ऑनलाईन जॉब के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। जहाँ आईजी अमरेश मिश्रा के निर्देशन में चल रहे ‘ऑपरेशन साईबर शील्ड’ के तहत पुलिस ने राजस्थान से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों पर देश के विभिन्न राज्यों में 13 से ज्यादा साईबर अपराध के मामले दर्ज हैं। पुलिस की कड़ी मेहनत से ये ठग गिरफ्त में आये है। पुलिस के अनुसार, ठगों ने ‘वर्क-फ्रॉम-होम’ और घर बैठे मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर रायपुर के 2 नागरिकों को अपना शिकार बनाया था जिसमें :
- थाना राखी क्षेत्र : प्रार्थी पारस कुमार धीवर से 24 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया था।
- थाना धरसीवां क्षेत्र : प्रार्थी ललित साहू से 34 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
इन मामलों की गंभीरता को देखते हुए आईजी रायपुर रेंज ने विशेष टीम का गठन किया था। तकनीकी साक्ष्यों, बैंक खातों और टेलीग्राम चैट के विश्लेषण के बाद पुलिस की टीम ने राजस्थान और महाराष्ट्र में छापेमारी की गई है। पुलिस ने इस मामले में पहले तीन आरोपियों (भवानी सिंह, उत्पल पंचारिया और साहिल संतोष) को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उनसे पूछताछ के आधार पर अब दो और मास्टरमाइंड पुलिस के हत्थे चढ़े हैं जिनमें :
- आशीष परिहार (28 वर्ष): निवासी नसीराबाद, जिला अजमेर (राजस्थान)।
- लक्ष्मन देवासी (37 वर्ष): निवासी जिला पाली (राजस्थान)।
इन दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। इसके साथ ही जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से देशभर में लोगों को अपना निशाना बना रहा था। रायपुर पुलिस ने इस कार्यवाही के साथ ही आम जनता के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। अगर आपको भी ऐसे ऑफर मिल रहे हैं, तो सतर्क हो जाएं। ऑनलाईन किसी पर भी भरोसा न करें।
ऐसे पहचानें ठगों का जाल :
- टास्क या रिव्यू जॉब: यूट्यूब वीडियो लाइक करने या होटल रिव्यू के बदले पैसे देने का लालच।
- शुरुआती फीस : काम शुरू करने से पहले रजिस्ट्रेशन या सिक्योरिटी के नाम पर पैसे मांगना।
- अनजान मैसेज : वॉट्सऐप या टेलीग्राम पर अनजान नंबरों से ‘पार्ट टाइम जॉब’ के ऑफर आना।
बचने के उपाय :
- पैसे न दें : कोई भी असली कंपनी नौकरी देने के लिए पैसे नहीं मांगती।
- ऐप वेरिफिकेशन : अनजान लिंक या APK फाइल डाउनलोड न करें, केवल आधिकारिक स्टोर का उपयोग करें।
- गोपनीयता : कभी भी अपना OTP, बैंक डिटेल या UPI पिन किसी के साथ साझा न करें।
किसी भी प्रकार के ऑनलाईन लेनदेन को बिना देखे अथवा मिले किसी भी प्रकार का लेनदेन ना करें।



