86 नशेड़ी ड्राइवर कार्यवाही की जद में आये, महंगी कारें जब्त हुई, 600 से ज्यादा कार चालक नशे में वाहन चलाते हुये पकड़े गये।

रायपुर : अधिकांश घटनाओं में समझदारी से वाहन चलाने वाला ही मौत का शिकार हुआ है, बेतरतीब वाहन चालक बचकर निकल जाता है, ऐसे में पीड़ित वाहन चालक के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उसे लम्बे समय तक तकलीफ झेलनी पड़ती है। इसी को लेकर राजधानी रायपुर में सड़क हादसों पर लगाम लगाने और नशे की हालत में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ पुलिस लगातार सख्त कार्यवाही कर रही है। इस समस्या को लेकर पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल विकास कुमार के निर्देशन में चलाये जा रहे विशेष अभियान के तहत पिछले 10 दिनों में शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर सघन चेकिंग कर 614 नशेड़ी वाहन चालकों के खिलाफ कार्यवाही की गई है।

इसी क्रम में 8 मार्च 2026 को तेलीबांधा थाना क्षेत्र में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान 6 अलग-अलग प्वाइंट पर जांच की गई, जिसमें 86 वाहन चालक नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पकड़े गए। कार्यवाही के दौरान ऑडी और बीएमडब्ल्यू जैसी महंगी कारें भी पुलिस की पकड़ में आईं है। कुछ आवश्यक चौक चौराहों पर पुलिस ने नशेड़ी वाहन चालकों को लगातार पकड़ा है।

हर साल सड़क हादसे में 600 लोगों की मौत :

पुलिस के अनुसार रायपुर में हर साल सड़क दुर्घटनाओं में करीब 600 लोगों की मौत होती है, जिनमें से कई मामलों में दुर्घटना का मुख्य कारण नशे की हालत में वाहन चलाना होता है। इसी को देखते हुए यातायात पुलिस द्वारा लगातार अभियान चलाकर ऐसे चालकों पर सख्त कार्यवाही की जा रही है। इस कार्यवाही को लेकर यातायात पुलिस ने रायपुर शहर के नागरिकों से अपील की है कि वे नशे की हालत में वाहन न चलायें और तेज रफ्तार से बचें। सड़क पर सुरक्षित आवागमन के लिए यातायात नियमों का पालन करना जरूरी है, ताकि स्वयं और परिवार को सुरक्षित रखा जा सके। दुपहिया चलाने वाले शहर के अन्दर 40 और हाईवे पर 70 से ज्यादा की गति पर वाहन ना चलायें, वहीँ चौपहिया वाहन चालक भी हाईवे पर 80 से ज्यादा की गति पर वाहन चलाने से बचें।