मनेन्द्रगढ़ : नशे के सौदागरों के लिये छत्तीसगढ़ प्रमुख क्षेत्र बन गया है, जहाँ बड़े स्तर पर नशे के सामान की हेराफेरी और बिक्री हो रही है। यहाँ नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में चिरमिरी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अंतर्राज्यीय स्तर पर सक्रिय कुख्यात रसल एक्का गैंग का भंडाफोड़ करते हुए पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया है। इस कार्यवाही में गिरोह के मास्टरमाइंड समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, ये लोग बड़े स्तर पर नशे का कारोबार करते पाये गये है।
पुलिस की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह गिरोह ATM और डिजिटल ट्रांजेक्शन के जरिए नशीले इंजेक्शनों के अवैध कारोबार का पैसा संचालित कर रहा था। इस तरीके से न सिर्फ सप्लाई चेन, बल्कि पूरे फाइनेंशियल नेटवर्क को भी छुपाया जा रहा था। मामले की जांच में सामने आया है कि नशे का सामान हैदराबाद से सरगुजा संभाग तक भेजा जा रहा था। पुलिस ने पहले कार्यवाही करते हुए प्रमुख आरोपी रसल एक्का को रायपुर से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसने पूरे नेटवर्क का खुलासा किया है। जिसके बाद उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वैंदला वासु (हैदराबाद), रजत कुमार (सूरजपुर) को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
ATM के जरिए चलता था पूरा नेटवर्क :
बताया जा रहा है कि गिरोह का तरीका बेहद शातिर था। नशीले इंजेक्शनों की बिक्री से मिली रकम को ATM ट्रांजेक्शन के जरिए अलग-अलग खातों से निकालकर नेटवर्क में बांटा जाता था, जिससे पुलिस की नजर से बचा जा सके। इस खुलासे के बाद पुलिस ने न सिर्फ तस्करी, बल्कि पूरे फाइनेंशियल ऑपरेशन को भी ट्रैक कर तोड़ दिया। चिरमिरी पुलिस की इस कार्यवाही को नशे के खिलाफ ऐतिहासिक सफलता माना जा रहा है। इससे सरगुजा संभाग में सक्रिय अंतर्राज्यीय नशा तस्करी की एक बड़ी चेन खत्म हो गई है। वहीँ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के कारोबार में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।



