थानखम्हरिया : नोटबंदी को लेकर आज तक कई सवाल उठते रहे है, ऐसे में उम्मीद ये की जाती है, कि नकली नोटों का कारोबार बंद हो गया होगा, लेकिन सच्चाई ये है कि बाज़ार में छोटे स्तर पर लाखों रूपये के नकली नोट अब भी चल रहे है। कुछ सूत्रों के अनुसार पाता चला है कि नकली नोट बाज़ार में एक के बदले तीन नोट बेचे जाते है। वहीँ इनकी पकड़ आसान नहीं होती है। काफी समय पहले दिल्ली में नकली सिक्कों की फैक्ट्री भी पकड़ी गई थी। वहीँ सामने आया मामला चौंकाने वाला है। सामने आई खबर के अनुसार नगर के व्यावसायिक क्षेत्रों में पिछले कुछ महीनों से जाली नोटों का प्रचलन बढ़ गया है। सोमवार को सब्जी मंडी में एक ही सीरियल नंबर के 100 रुपये के 10 और 200 रुपये के 5 नोट मिलने से गिरोह की सक्रियता की पुष्टि हुई है।
भीड़ का फायदा उठाकर खपा रहे नोट :
सब्जी मंडी के साथ-साथ किराना, कपड़ा और अनाज व्यापारियों के यहां भीड़ का फायदा उठाकर सुनियोजित तरीके से जाली नोट खपाए जा रहे हैं। इस मामले में जानकारी मिली है कि सोमवार को मंडी व्यवसायी छेदू सिन्हा, कचरू निर्मलकर और विश्वनाथ सिन्हा के गल्ले में जाली नोट मिले। इसके बाद अन्य फुटकर व्यापारियों ने भी संदिग्ध नोट दिखाये। मंडी संचालक छेदू सिन्हा और कचरू निर्मलकर ने थाना प्रभारी चंद्रदेव वर्मा से मुलाकात कर गिरोह का खुलासा करने की मांग की है।
पहले भी मिल चुके हैं नकली नोट :
लगभग 10 वर्ष पूर्व भी नगर में भारी मात्रा में नकली नोट मिले थे, जिसकी अब पुनरावृत्ति हो रही है। बाजार में मिले जाली नोट हूबहू असली जैसे दिखते हैं और साधारण फोटोकॉपी के बजाय प्रिंट किए हुए प्रतीत होते हैं। तकनीकी विसंगतियों के कारण इनके नकली होने की पुष्टि हुई है। हालाँकि नोटों को पकड़ना इतना आसान नहीं होता है। इन मामलों को लेकर थाना प्रभारी ने व्यापारियों से सजग रहने और संदिग्धों की सूचना पुलिस को देने की अपील की है। पुलिस ने मामले में जांच की बात कही है।



