अग्रसेन महाराज और झुलेलाल भगवान पर अभद्र टिप्पणी मामले में अमित बघेल को मिली ज़मानत, कोर्ट ने दिया ये फैसला….।

रायपुर : राजधानी में बीते छै माह पहले छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति टूटने पर बवाल हुआ था, जिसमें आरोपी मनोज कुर्रे निकला, लेकिन इसी बीच अपनी अमित बघेल ने सिन्धी समाज और अग्रवाल समाज के आराध्य देव के लिये अपमान जनक शब्दों का प्रयोग किया, जिसे लोगों ने साजिशन बताया, वहीँ सिन्धी और मारवाड़ी समाज ने कहा था कि हम जब भारत को माँ मानते है तो छत्तीसगढ़ को अपनी माँ क्यूँ नहीं मानेंगे? यह भारत भूमि का हिस्सा ही है और फिर भी बिना किसी लेनदेन के दोनों समाज के भगवान को अपशब्द कहे गये जो स्वीकार योग्य नहीं है, वहीँ तबसे अमित बघेल के खिलाफ मामले चल रहे है। अब इसको लेकर छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने अमित बघेल को राहत देते हुए 3 माह की अंतरिम जमानत प्रदान की है।

मामले के अनुसार रायपुर के वीआईपी चौक में छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा के तोड़-फोड़ की घटना के परिप्रेक्ष्य में एफआईआर दिया गया था। उक्त प्रकरण में कुल 14 एफआईआर दर्ज की गई थीं, जो कि थाना तेलीबांधा, कोतवाली तथा देवेन्द्र नगर द्वारा पंजीबद्ध की गई है। जिसको लेकर बीते छै माह से अमित बघेल जेल में है और जमानत के लिये प्रयास कर रहा है।

उच्च न्यायालय में हुई सुनवाई में दोनों पक्षों को विस्तृत रूप से सुने जाने के उपरांत अमित बघेल को 3 माह की अंतरिम जमानत प्रदान किया है। इसके साथ ही न्यायालय ने यह शर्त भी लगाई गई है कि इस अवधि के दौरान वे रायपुर जिला की भौगोलिक सीमा के भीतर निवास नहीं करेंगे, अपवादस्वरूप उन्हें अधीनस्थ न्यायालय के समक्ष निर्धारित तिथियों पर उपस्थिति हेतु जिले में प्रवेश की अनुमति होगी।

इस मामले में अमित बघेल की ओर से अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा ने पक्ष प्रस्तुत किया था, जबकि आपत्तिकर्ता की ओर से सुनील ओटवानी तथा राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता प्रवीण दास ने पैरवी की है।

जानिये क्या है मामला :

26 अक्टूबर 2025 को रायपुर के VIP चौक पर छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति से तोड़फोड़ की गई थी, इसकी जानकारी मिलते ही अगले दिन अमित बघेल मौके पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। इस दौरान बघेल समर्थक और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी हुई और इस हंगामे के बाद छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति जल्द ही दोबारा स्थापित की गई, जिसके बाद पुलिस ने अगले ही दिन सुबह राम मंदिर के पास से आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी मनोज कुर्रे मानसिक रूप से बीमार था और उसने नशे में मूर्ति तोड़ी थी।

प्रदर्शन के दौरान अमित बघेल ने अग्रवाल समाज और सिंधी समाज पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसके बाद देशभर में अग्रवाल समाज और सिंधी समाज भड़क उठा था। रायपुर, रायगढ़ और सरगुजा समेत कई जिलों और राज्यों में समाज के लोगों ने विरोध जताते हुए FIR दर्ज कराई थी। सिंधी समाज के पदाधिकारियों ने कोतवाली थाने में अमित बघेल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। तब से महिनाभर फरार रहने के बाद अमित बघेल जब आत्मसमर्पण करने पहुंचा था, तब देवेन्द्र नगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।