रायपुर : निजी स्कूलों की मनमानी लगातार चल रही है, जिसमें प्रति वर्ष 10% से 20% तक ट्यूशन फीस में बढ़ोत्तरी की जाती है। निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें और खास दुकानों से ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर करना, जिसमें स्कूल मैनेजमेंट का 30-50% तक कमीशन होता है। वार्षिक चार्ज, डेवलपमेंट फीस, एक्टिविटी फीस के नाम पर 10-15 हजार रुपये अतिरिक्त वसूलने का काम किया जाता है। शिक्षा को व्यवसाय बनाकर अभिभावकों पर आर्थिक बोझ डालना, खासकर नई कक्षा से शुरू होते है। कई निजी स्कूल बिना सरकारी अनुमति के कक्षाएं संचालित कर रहे हैं।
इन्हीं मामलों को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निजी स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि प्रदेश में ऐसी किसी भी प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं की जायेगी। अभिभावक निश्चिंत रहें, प्रदेश में निजी स्कूलों की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम साय ने कहा कि शिकायत प्राप्त होने और स्कूल द्वारा नियमों का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ कठोर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अभिभावकों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक दबाव या आर्थिक बोझ स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस विषय पर नजर बनाए हुए हैं और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता व संतुलन सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।



