मोनालिसा की शादी होगी अवैध, फरमान जा सकता है जेल, सामने आया ये मामला….।

खरगोन (म.प्र.) : कहते है सच्चाई छिप नहीं सकती है, जिस तरह से मोनालिसा के हावभाव सार्वजनिक स्तर पर दिखे है, उससे वो स्पष्ट रूप से कम उम्र की ही प्रतीत होती है, मीडिया में कई बार उसके नाबालिग होने का मामला उठाया है, मोनालिसा के कारण फिल्म निर्माता सनोज मिश्रा को बड़ा नुकसान और अपमान उठाना पड़ा है। वहीँ मध्य प्रदेश के खरगोन जिले की रहने वाली वायरल गर्ल मोनालिसा एक बार फिर चर्चा में आ गई है। इस बार मोनालिसा से जुड़ा एक बड़ा सच सामने आ गया है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है।

मोनालिसा ने हाल ही में उ.प्र. के रहने वाले एक फरमान नाम के लड़के से शादी की थी जिसके बाद से ही वो सुर्खियों में बनी हुई है, अब एक ओर मोनालिसा का परिवार यह दावा कर रहा था कि वह नाबालिग है, तो वहीं दूसरी ओर मोनालिसा फरमान के साथ अपनी खुशहाल जिंदगी बसाने का सपना देख रही थी। इस बीच राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) की जांच रिपोर्ट में यह सामने आया है कि मोनालिसा नाबालिग है। ऐसे में अब कार्यवाही करते हुए फरमान के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के साथ साथ कई और गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। वहीँ सनोज मिश्रा लगातार इस मामले में न्यायिक कार्यवाही करवाने के लिये प्रयासरत है।

महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा कैसे आई सुर्खियों में:

मोनालिसा खरगोन जिला मुख्यालय से करीब 65 किलोमीटर दूर पर्यटन स्थल महेश्वर की रहने वाली है। महाकुंभ में वायरल हुई मोनालिसा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। बता दें कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की जांच में एक ऐसा हैरान कर देने वाला सच सामने आया है, जिसे सुन सब चौंक गये है, जांच में सामने आया कि मोनालिसा असल में पारधी जनजाति समुदाय की एक नाबालिग लड़की है। बता दें कि उसकी बालिग बताकर शादी करवाई गई थी, वहीँ जानकारी सामने आई थी की उसके फर्जी दस्तावेज भी तैयार करवाये गये है।

आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य के नेतृत्व में यह जांच की गई है. इस जांच में पूर्व न्यायाधीश और आयोग के सलाहकार प्रकाश उइके का मार्गदर्शन रहा है. इस संवेदनशील मामले को अधिवक्ता प्रथम दुबे ने  17 मार्च 2026 को आयोग के समक्ष उठाया था, जिसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई है।

सरकारी रिकॉर्ड में सामने आई असली जन्म तारीख :

जांच टीम ने केरल से लेकर मध्य प्रदेश तक कई स्थानों पर गहन पड़ताल की, वहीँ आपको बता दें कि इस जांच की शुरुआत केरल के उसी नयनार देवा मंदिर से की गई जहां मोनालिसा की शादी हुई थी। मंदिर प्रशासन ने बताया है कि शादी आधार कार्ड में दर्ज आयु के आधार पर ही कराई गई थी। यही नहीं इस जांच में यह भी सामने आया कि केरल के पुअर गांव की ग्राम पंचायत में शादी का पंजीकरण किया गया था, जिसमें गलत जन्म प्रमाण पत्र का उपयोग किया गया था। यह प्रमाण पत्र मध्य प्रदेश के महेश्वर नगरपालिका से जारी किया गया था। अब ये सभी दस्तावेज जांच के दायरे में आ सकते है।

इसके बाद जांच दल ने महेश्वर के सरकारी अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच की गई है जिसमें पाया गया है कि मोनालिसा का जन्म 30 दिसंबर 2009 को शाम 5:50 बजे हुआ था। इस आधार पर 11 मार्च 2026 को हुए शादी के समय उसकी उम्र 16 वर्ष 2 महीने और 12 दिन थी। वहीँ जांच के दौरान नगरपालिका के द्वारा जारी गलत जन्म प्रमाण पत्र को निरस्त कराने के लिए भी प्रशासन को निर्देश दिए गये है, तो प्रमाण पत्र में जन्मतिथि 1 जनवरी 2008 दर्ज थी। वहीँ अब जब लव जिहाद का मामला मानकर इसको बड़ा बवाल बना दिया गया है, ऐसे में फरमान पर बड़ी कार्यवाही की जा सकती है।

पारधी जनजाति से संबंध की भी हुई पुष्टि :

इस जांच के दौरान मोनालिसा के माता-पिता ने उनके रक्त सम्बन्धियों भी के जाति प्रमाण पत्र भी आयोग को दिखाये है, जिससे ये साफ हुआ कि वह पारधी जनजाति समुदाय से है और अनुसूचित जनजाति वर्ग में शामिल है। जैसे ही आयोग के सामने इस सच की पुष्टि हुई, वैसे ही इस मामले में अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम (SC/ST Act) की धाराएं भी लागू कर दी गईं है इस तरह फरमान चौतरफा क़ानूनी कार्यवाही का शिकार हो सकता है।

आरोपी फरमान पर कई धाराओं में हुआ केस दर्ज :

इसके साथ ही आपको बता दें कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मध्य प्रदेश के महेश्वर थाने में आरोपी फरमान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। महेश्वर थाना प्रभारी जगदीश गोयल ने बताया कि नाबालिग मोनालिसा के मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली गई है और आगे की जांच जारी है।

इसके अलावा इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने 22 अप्रैल 2026 को केरल और मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशकों (DGP) को नई दिल्ली स्थित आयोग  मुख्यालय में बुलाया है। आयोग ने अपनी तरफ से यह स्पष्ट किया है कि दोषियों को सजा मिलने तक इस पूरे मामले की निगरानी जारी रखी जायेगी। साथ ही दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारियों से हर तीन दिन में प्रगति रिपोर्ट भी मांगी गई है। ऐसे में अब इस कार्यवाही के आगे बढ़ने की उम्मीद है।

फिल्म डायरेक्टर सनोज मिश्रा की प्रतिक्रिया :

डायरेक्टर सनोज मिश्रा पर मोनालिसा ने पहले गंभीर आरोप लगाए थे। अब उन्होंने इस खुलासे को अपनी जीत बताया है। उन्होंने कहा, “मुझ पर फिल्म की पब्लिसिटी और अन्य गंदे आरोप लगाए गए, लेकिन मैं अपनी साख और मेहनत की लड़ाई लड़ रहा था। वह मेरे लिए बेटी की तरह थी जो भटक गई थी।”  मिश्रा ने स्पष्ट किया कि वे फिलहाल कोई फिल्म रिलीज नहीं कर रहे हैं और उनका उद्देश्य केवल सच को सामने लाना था।