प. बंगाल में साधू संतों को धर्म का प्रचार करने से रोका गया, टीएमसी पार्षद ने किया ऐसा काम….।

भवानीपुर (प. बंगाल) : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव है और यहाँ टीएमसी के गुंडे हावी रहते है, ऐसे में यहाँ निष्पक्ष चुनाव करवाना भी एक बहुत मुश्किल काम है, वहीँ अब भवानीपुर विधानसभा सीट से एक विवादित मामला चर्चा में आ गया है, जहां टीएमसी पार्षद पर हिंदू धर्म के प्रचार में बाधा डालने का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि भवानीपुर के वार्ड 70 के असीम बसु और उनके सपोर्टर्स पर धर्म प्रचार कर रहे साधु-संतों से बदसलूकी का आरोप लगा है।

साधु-संतों को धर्म प्रचार से रोकने का आरोप :

वार्ड 70 में मौजूद खालसा स्कूल के पास एक आश्रम से जुड़े साधु-संत हिंदू धर्म से संबंधित कुछ पर्चे बांट रहे थे। इसी दौरान, वहां कुछ लोगों ने आकर उन्हें रोक दिया और कथित रूप से प्रचार की गतिविधि पर आपत्ति की। इस घटना का CCTV वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वहीँ फिर इस मामले में आरोप लगा है कि यहीं तक ये मामला सीमित नहीं रहा। कुछ लोग साधु-संतों को रोकने के बाद आश्रम तक भी पहुंच गए, जहां कथित तौर पर टीएमसी से जुड़े वर्कर्स ने साधु और आश्रम के लोगों को धमकाने का काम भी किया। इस पूरी घटना को लेकर हिन्दुओं में काफी नाराजगी नजर आ रही है और धार्मिक आजादी से भी जोड़कर इसे देखा जा रहा है।

TMC या पुलिस की तरफ से नहीं आई कोई प्रतिक्रिया :

इस केस में अब तक आधिकारिक रूप से पुलिस या प्रशासन की तरफ से कोई बयान सामने नहीं आया है। वहीं, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी अभी तक नहीं की जा सकी है। दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी की तरफ से भी इस पर कोई साफ प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।अब इसको लेकर देशभर में धार्मिक आजादी व अभिव्यक्ति के अधिकार को लेकर बहस जारी है। हालांकि, अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन इस केस में क्या एक्शन लेता है और आरोपों की हकीकत क्या है। फिलहाल, स्थानीय लोगों की नजरें पुलिस प्रशासन की कार्यवाही पर टिकी हुई हैं।