तखतपुर : अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के प्रमुख डॉक्टर दिनेश मिश्रा ने कई बार लोगों की भ्रांतियां दूर की है, कि टोनही का कोई अस्तित्व नहीं होता है, लेकिन फिर भी इसके नाम पर महिलाओं को प्रताड़ना अब भी दी जा रही है, जो महिला का बहुत बड़ा अपमान है। सामने आये मामले के अनुसार बिलासपुर जिले के ग्राम ढनढन से एक महिला को टोनही बताकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्यवाही करते हुए मां-बेटे को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले की कार्यवाही तखतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत की गई है।
पीड़िता ने 5 अप्रैल को तखतपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौज करते हुए जमकर मारपीट की है, जिससे उसे काफी चोटें भी आई है, इसके साथ ही धमकाने की शिकायत भी की है। मामले की जांच के दौरान सामने आया कि महिला को लगातार टोनही कहकर प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे महिला काफी परेशान थी।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के साथ-साथ टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम 2005 के तहत अपराध दर्ज किया। वहीं कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपी देवेन्द्र बघेल और सुमित्रा बाई बघेल को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। यह कार्यवाही थाना प्रभारी विवेक कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में की गई। पुलिस ऐसे किसी भी कृत्य को करने से मना किया है और कहा है कि ऐसा कृत्य क़ानूनी तौर पर आप्र्धिक श्रेणी में आता है, किसी भी महिला को अपमानित ना करें।



