रायपुर : राज्य को लग हुये 20 साल से ज्यादा का समय निकल गया, लेकिन आज भी राजधानी वासी पीने के पानी को तरस रहे है, हर साल निगम में गर्मी को लेकर तैयारियां की जाती है, लेकिन लोगों को पानी की सुविधा सुचारू रूप से नहीं मिल पाती, वहीँ अमृत जल योजना पूर्ण रूप से असफल हो चुकी है। वहीँ अब रायपुर में पानी की गंभीर समस्या को लेकर कांग्रेस नेताओं और स्थानीय लोगों ने नगर निगम जोन-8 कार्यालय का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। ये आंदोलन गुढ़ियारी, अशोक नगर और बजरंग चौक के क्षेत्रों में लंबे समय से चल रही जल संकट की समस्या को लेकर किया गया है।
रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत वार्ड क्रमांक 19, दुर्गा चौक, बजरंग चौक, बड़ा अशोक नगर और आसपास की बस्तियों में पिछले कई दिनों से पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को पीने का पानी तक एक किलोमीटर दूर से लाना पड़ रहा है। अधिकांश बोरिंग खराब हो चुके हैं। पानी टैंकर की व्यवस्था भी पर्याप्त नहीं है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। लोग पानी के लिये मशक्कत कर रहे है, गरीब बस्तियों में तो बिल्कुल भी सुनवाई नहीं है।
टैक्स वसूल रहा पर पानी नहीं दे पा रहा निगम :
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश महामंत्री सुबोध हरितवाल ने कहा कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा के अभाव में लोगों में भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन इस गंभीर समस्या को नजरअंदाज कर रहा है और केवल कागजी कार्रवाई या फोटो के जरिए स्थिति को सामान्य दिखाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता से पानी के लिए टैक्स तो वसूला जा रहा है, लेकिन बदले में उन्हें पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।
रोजगार पर पड़ रहा पानी की कमी का सीधा असर :
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि पानी की कमी का सीधा असर लोगों के रोजगार पर पड़ रहा है। लोगों को दिनभर पानी का इंतजार करना पड़ता है, जिससे वे काम पर नहीं जा पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि टैंकर से पानी की सप्लाई भी न के बराबर है और जो पानी दिया जा रहा है, उसकी मात्रा भी पर्याप्त नहीं होती। इसके साथ ही स्थानीय लोगों ने भी अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया कि वे पिछले एक महीने से लगातार पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। टैंकर समय पर नहीं आते और अगर आते भी हैं तो सभी तक पानी नहीं पहुंच पाता है। इन समस्याओं को लेकर प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।



