हिंदू देवी-देवताओं पर अभद्र टिप्पणी करने पर गौतम साहू की जमकर पिटाई, सामने आया ये मामला….।

दुर्ग/भिलाई : हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान करना हर किसी के लिये आसान कार्य है, क्यूंकि हिन्दू कुछ नहीं करता और ना ही भारत में अन्य देशों जैसे कोई ईशनिंदा कानून भारत में है, लेकिन धार्मिक भावनाओं को लगातार आहत किया जा रहा है, हिंदू देवी-देवताओं पर कथित अभद्र टिप्पणी किए जाने के मामले को लेकर शुक्रवार को दोपहर दुर्ग नगर निगम कार्यालय में जमकर हंगामा हो गया। वहीँ इस मामले में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने निगम आयुक्त सुमित अग्रवाल के पीए गौतम साहू के साथ मारपीट कर दी गई। इस घटना के बाद निगम कार्यालय परिसर में तनाव का माहौल बन गया।

इस मामले में मिली जानकारी के अनुसार, गौतम साहू पर आरोप है कि उन्होंने एक महिला कर्मचारी को व्हाट्सएप के माध्यम से हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणी भेजी थी। इसकी जानकारी मिलते ही विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गये और बड़ी संख्या में निगम कार्यालय पहुंच गये, जिसके बाद बड़ा बवाल मचा। वहीँ मामले को लेकर कार्यकर्ताओं ने गौतम साहू का विरोध करते हुए उनके साथ मारपीट की। इस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद पुलिस गौतम साहू को अपने साथ थाना ले गई, जहां मामले में पूछताछ की जा रही है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 299 के तहत अपराध दर्ज किया है।

गौतम साहू प्लेसमेंट कर्मचारी के तहत नगर निगम दुर्ग में पदस्थ है। वर्तमान में वह निगम आयुक्त के पीए का कार्य देख रहे हैं। यह पद जितनी जिम्मेदारी का रहता है, उतने ही जवाबदेही का भी है। यही वजह है कि इसके पहले तक इस पद का दायित्व निगम के नियमित कर्मचारी की संभाल रहे थे। हिंदू देवी-देवताओं पर कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर गौतम साहू को निगम परिसर में बने मंदिर के समीप पकड़ा गया है। इसको लेकर कुछ लोगों ने कहा है कि वह व्यक्ति धर्मान्तरित हो सकता है, उसकी भी जांच की जाये।

वहीँ बताया गया है कि उस समय उसकी कथित रूप से पिटाई की गई। कपड़े भी फट गये। जानकारी के मुताबिक गौतम साहू के पैर तथा कनपटी के पास चोट आई है। जिला अस्पताल में इलाज कराया गया। मारपीट के दौरान निगम के कई कर्मचारी बीच बचाव करने आए और किसी तरह मारपीट नहीं करने अनुरोध किया। कर्मचारियों ने गौतम साहू को पुलिस के हवाले करने कहा, ताकि स्थिति शांत हो जाये। इसको लेकर विहिप और बजरंग दल ने कहा है कि अगर वह धर्मान्तरित है तो ऐसे लोग लगातार गरीब छत्तीसगढ़िया का धर्मान्तरण करवा रहे है, इसकी भी जांच होनी चाहिये।