लोगों की आपाधापी से बढ़ा पेट्रोल डीजल संकट, राजधानी सहित कई शहरों के पेट्रोल पम्प बंद।

रायपुर : प्रधानमंत्री मोदी ने इंधन का प्रयोग कम करने के लिये कहा है, ना कि बिल्कुल नहीं करने कहा है, लेकिन लोगों ने घबराहट में जरूरत से ज्यादा पेट्रोल डीजल खरीदना शुरू कर दिया है, जिससे अब राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अधिकांश जिलों में पेट्रोल-डीजल की भारी किल्लत हो गई है। पेट्रोल की कमी नहीं है, लेकिन पहुँचने में समय लगेगा, वहीँ अब सप्लाई नहीं होने से कई पेट्रोल पंप बंद हो चुके हैं, जिसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिन पंपों में पेट्रोल-डीजल मिल रहे वहां गाड़ियों की लंबी कतारें लगी है और लिमिट में पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है।

राजधानी सहित लगभग हर जगह यही माहौल बन गया है, बिलासपुर जिले में भी पेट्रोल-डीजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। जानकारी के अनुसार बिलासपुर के 13 पेट्रोल पंपों में ईंधन पूरी तरह खत्म हो चुका है। कई पंपों पर “नो पेट्रोल” और “नो डीजल” के बोर्ड लगाये’ गये हैं। बाकी बचे पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिल रही है।

दंतेवाड़ा में डीजल संकट गहरा गया है। अधिकतर पेट्रोल पंपों में डीजल खत्म हो गई है। इसके चलते सुबह से पेट्रोल पंपों में सन्नाटा पसरा हुआ है। डीजल नहीं मिलने से ट्रांसपोर्टर परेशान हैं। मालवाहक वाहन खड़े करने की नौबत आ गई है। जल्द सप्लाई नहीं पहुंची तो परेशानी बढ़ सकती है।

महासमुंद में भी पेट्रोल-डीजल का संकट गहराता जा रहा है। शहर और आसपास संचालित 8 पेट्रोल पंपों में से अधिकांश ड्राई हो चुके हैं। केवल मचेवा स्थित शंकरा फ्यूल्स में सीमित मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है, जहां वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही है। शहर के पुष्पा फ्यूल्स और चाणक्य पेट्रोल पंप पहले से बंद हैं, जबकि पुलिस वेलफेयर, उत्तम फ्यूल्स, संगीता फ्यूल्स और ओजस फ्यूल्स का स्टॉक भी खत्म हो चुका है। केवल मचेवा स्थित शंकरा फ्यूल्स में स्टॉक है, जहां लोगों को घंटों लाइन में लगकर पेट्रोल-डीजल लेना पड़ रहा है। पंप संचालक स्टाक लिमिट होने के कारण बाइक को 2 लीटर एवं कार को 05 लीटर पेट्रोल दे रहे हैं। इस तरह लोगों ने बेवजह की घबराहट में समस्या को और बढ़ा दिया है।