मुख्यमंत्री साय पहुंचे कोसला गांव, माता कौशल्या मंदिर में की पूजा-अर्चना, माता कौशल्या की असली जन्मभूमि है कोसला।

जांजगीर-चांपा : अधिकांश लोगों को मालूम नहीं है कि राजधानी के मंदिर हसौद से दूर चंदखुरी माता कौशल्या का असली जन्मस्थान नहीं है, वहां विकास कार्य से पहले सही हो चुके है, जिसके कारण राजनैतिक परिवेश के चलते उसे कौशल्या माता का जन्मस्थान बताकर प्रचारित कर दिया गया है। वहीँ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुशासन तिहार के तहत का औचक निरीक्षण में अचानक जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोसला पहुंचे। मुख्यमंत्री का हेलिकॉप्टर जैसे ही ग्राम कोसला में उतरा वैसे ही प्रशासनिक अमले में हलचल मच गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए “सुशासन तिहार 2026” मनाया जा रहा है। यह अभियान 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में चलाया जाएगा, जिसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज सुशासन तिहार के तहत का औचक निरीक्षण में निकले और जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोसला पहुंचे। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्राम कोसला पहुंचकर माता कौशल्या मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने माता कौशल्या एवं प्रभु श्रीराम से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, शांति और छत्तीसगढ़ की निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री साय के मंदिर परिसर पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मंदिर सेवा समिति एवं ग्रामीणों द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी भी उनके साथ उपस्थित थे। प्रदेशभर में मुख्यमंत्री आम जनता को मिल रहे लाभ समस्याओं को जानने लगातार उनके पास पहुँच रहे है।

मुख्यमंत्री साय ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं एवं ग्रामीणों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति, आस्था और परंपराएं प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति हैं। हमारी सरकार विकास के साथ-साथ सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है।

मंदिर सेवा समिति द्वारा मुख्यमंत्री साय को माता कौशल्या मंदिर का आकर्षक छायाचित्र स्मृति स्वरूप भेंट किया गया। मुख्यमंत्री साय के अचानक आगमन से क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु, ग्रामीणजन एवं स्थानीय नागरिक इस अवसर पर उपस्थित थे। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने काफी उत्साह दिखाया।