धर्मान्तरित महिला के अंतिम संस्कार पर मचा बवाल, धर्मान्तरण करने वाले हिन्दुओं के लिए दो तरफ़ा मुसीबत, दो पक्षों में जमकर विवाद।

भानुप्रतापपुर : ईलाज के नाम पर या प्रलोभन देकर हिन्दुओं का धर्म परिवर्तन करवाने वाले अपना टारगेट तो पूरा कर लेते है, लेकिन मतांतरित हिन्दू के लिए मुसीबत खड़ी हो जाती है, वह अपने धर्म का तो नहीं रहता, बल्कि मिशनरी भी उसकी मदद के लिए आगे नहीं आते, ऐसे ही कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में एक महिला के अंतिम संस्कार को लेकर भारी विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। यहाँ बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मृतिका पर धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए गांव में अंतिम संस्कार करने का कड़ा विरोध किया। इस मामले को देखते हुए भानुप्रतापपुर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। यह पूरा मामला भानुप्रतापपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत इरागांव का है, जहाँ इसकी कार्यवाही की गई है।

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, इरागांव की रहनी वाली गणेशिया नेताम की बीमारी के बाद मौत हो गई थी, जिसके बाद परिजन उसके अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। इतने में वहां ग्रामीण आ पहुंचे और उन्होंने महिला पर धर्म परिवर्तन का आरोप लगाते हुए अंतिम संस्कार का विरोध किया। इसी को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बन गई और देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने लगा। इसी बीच धर्मान्तरित हिन्दू ही इनके पक्ष में खड़ा हुआ जबकि मिशनरियों में से कोई भी वहां उपस्थित नहीं हुआ।

दूसरे जगह पर अंतिम संस्कार की बनी सहमति :

इस घटना की जानकारी मिलते ही भानुप्रतापपुर थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद ग्रामीणों को समझाईश देते हुए माहौल शांत कराने की कोशिश की। काफी देर तक बातचीत और समझाईश के बाद मृतिका के परिजन शव को अन्य स्थान पर ले जाकर अंतिम संस्कार करने पर सहमत हुये। फिलहाल पुलिस गांव में ही मौजूद है और हालात पर नजर बनाए हुए है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति निर्मित न हो। गांव में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन मामले को लेकर तनाव का माहौल बना हुआ है। इधर प्रशासन ने लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। ऐसे मामले लगातार विवाद का कारण बन रहे है, जिसको लेकर दोनों पक्षों में मारपीट जैसी घटनायें सामने आ रही है।