स्मार्ट मीटर के खिलाफ मीटर रीडरों ने CSEB मुख्यालय का किया घेराव, रोजी रोटी पर खड़ा हुआ संकट।

रायपुर : स्मार्ट मीटर के बाद आपके घर अबमीटर की रीडिंग लेने के लिये कोई नही आयेगा आपकी मोबाईल जैसे अब मीटर का बिल भी मोबाईल पर अपने आप पहुँच जायेगा, ऐसे में मीटर रीडरों के लिये रोजी रोजगार की समस्या खड़ी हो गई है। जिसको लेकर प्रदेशभर में आज बिजली स्मार्ट मीटर को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। जहाँ एक ओर कांग्रेस का सभी जिला मुख्यालयों में प्रदर्शन जारी है, तो दूसरी ओर बिजली मीटर रीडरों ने भी राजधानी में मोर्चा खोल दिया है। विद्युत मीटर रीडर श्रमिक संघ के बैनर तले प्रदेशभर से मीटर रीडर सोमवार को सीएसईबी मुख्यालय का घेराव करने के लिए पहुंचे। इस प्रदर्शन को कांग्रेस ने भी अपना समर्थन दिया है। डडसेना भवन में मीटर रीडरों के बीच पूर्व सीएम भूपेश बघेल, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे। वहीँ एक तरफ उपभोक्ता बढे हुये बिल से परेशान है।

आपको बता दें कि प्रदेशभर में स्मार्ट बिजली व्यवस्था लागू होने से वर्षों से कार्यरत मीटर रीडरों के आगे आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। कई जिलों में महीनों से मानदेय भुगतान लंबित है, वहीँ मीटर रीडिंग करने वाले से पहले ही लोगों को मोबाईल में बिजली बिल मिल जा रहा है, वहीँअलग-अलग दरों से भुगतान किए जाने के कारण कर्मचारियों में भारी असंतोष है।

मीटर रीडरों का कहना है कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था से प्रभावित मीटर रीडरों के रोजगार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। जब तक वैकल्पिक रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता तब तक प्रीपेड (रिचार्ज) व्यवस्था लागू न की जाए, पूरे प्रदेश में मीटर रीडरों के लिए एक समान कार्य और भुगतान नीति लागू की जाए। ऐसे में कंपनी भी शायद इनकी मांगे ना सुने क्यूंकि कम्पनी भी काफी समय से अपनी बड़ी पूंजी का निवेश कर चुकी है।