रायपुर : राजधानी रायपुर के मोवा स्थित अशोका आइकन कॉलोनी में रहने वाले कोयला कारोबारी पंकज अग्रवाल के घर हुई करीब 70 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने घरेलू रसोइए और उसके साथी को नागपुर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, अशोका आइकन मोवा निवासी कारोबारी पंकज अग्रवाल ने शिकायत दर्ज कराई कि, 26 जुलाई को वे परिवार के साथ नया रायपुर गए थे। घर पर केवल उनका घरेलू रसोइया महेंद्र कुमार यादव मौजूद था, जिसे 14 जुलाई से काम पर रखा गया हुआ था।
जिसके बाद शाम करीब 7 बजे लौटने पर घर का मुख्य दरवाजा बंद मिला, जबकि पीछे का गेट खुला था। अंदर जाकर देखा तो अलमारी और लॉकर टूटे हुए थे। कैश, सोने-चांदी के जेवर, गिन्नी, सिक्के, पेन ड्राइव और जरूरी दस्तावेज गायब थे। दोनों आरोपियों ने घर से नगदी, सोने-चांदी के जेवर, गिन्नी, सिक्के और अन्य कीमती सामान चोरी कर ट्रेन से फरार होने की कोशिश की थी। पुलिस ने चोरी का पूरा सामान बरामद कर लिया है। मामला पंडरी थाना क्षेत्र का है।
इस वारदात का मास्टरमाइंड कारोबारी के घर में महज 12 दिन पहले काम पर रखा गया घरेलू रसोइया निकला। उसने अपने साथी के साथ मिलकर परिवार की गतिविधियों पर नजर रखी और घर खाली मिलते ही नकदी, सोने-चांदी के जेवर, गिन्नियां, सिक्के, महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य कीमती सामान समेटकर फरार हो गया।
रेलवे स्टेशन से आरोपियों को किया गिरफ्तार :
रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और पंडरी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों का पीछा करते हुए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के सहयोग से नागपुर रेलवे स्टेशन से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से 51.50 लाख रुपये नकद, सोने-चांदी के जेवर, गिन्नियां, सिक्के, पेन ड्राइव, दस्तावेज और अन्य सामान सहित करीब 70 लाख रुपये का पूरा मशरूका बरामद कर लिया गया है। टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें महेंद्र यादव एक बैग लेकर घर से निकलता दिखाई दिया था। उसके साथ एक अन्य युवक भी मौजूद था।
14 जुलाई को काम पर रखा था रसोइया :
पुलिस के अनुसार मोवा के अशोका आइकन निवासी कोयला कारोबारी पंकज अग्रवाल 26 जुलाई को अपने परिवार के साथ निजी काम से नया रायपुर गए थे। घर पर केवल उनका घरेलू रसोइया महेंद्र कुमार यादव मौजूद था, जिसे 14 जुलाई को काम पर रखा गया था। शाम करीब सात बजे परिवार लौटा तो मुख्य दरवाजा बंद और घर की लाइट बंद मिली। पीछे का दरवाजा खुला था। अंदर जाकर देखा तो बेडरूम और अलमारियां खुली थीं तथा लाखों रुपये की नकदी, जेवर और महत्वपूर्ण दस्तावेज गायब थे।
प्रार्थी की शिकायत पर पंडरी थाना में अपराध क्रमांक 212/26 के तहत धारा 303(2) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (उत्तर) दीपमाला कश्यप के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई।
सीसीटीवी फुटेज से खुला पूरा राज :
जांच के दौरान पुलिस ने कॉलोनी और आसपास के दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में महेंद्र यादव एक बैग लेकर घर से निकलता दिखाई दिया। उसके साथ एक अन्य युवक भी था। इसके बाद पुलिस ने दोनों की गतिविधियों का क्रमवार विश्लेषण किया। जांच में सामने आया कि दोनों अलग-अलग रास्तों से रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे और समता एक्सप्रेस से नागपुर की ओर रवाना हो गये थे। तुरंत आरपीएफ नागपुर से संपर्क कर आरोपियों की फोटो और हुलिया साझा किया गया। इसके बाद नागपुर रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ में महेंद्र यादव ने बताया कि, उसने अपने साथी पिंटू यादव उर्फ अभिषेक यादव के साथ पहले से योजना बनाकर चोरी की थी। परिवार के बाहर जाने की जानकारी का फायदा उठाकर दोनों ने घर से नगदी और जेवर चोरी किए।



