गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही : कोटमीकला साप्ताहिक बाजार में ज्वेलरी व्यवसायी प्रदीप सोनी की गोली मारकर हत्या और सोना-चांदी की लूट के सनसनीखेज मामले का खुलासा आज आईजी राम गोपाल गर्ग ने किया है, जिसमें आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गये है। इस मामले में बिलासपुर रेंज और जीपीएम पुलिस की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना के आधार पर मामले में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
पहले रेकी और फिर लूट की बनाई योजना :
इस घटना की जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी खुशीराम साहू ने अपने भतीजे राजाराम साहू के साथ मिलकर बिहार-झारखंड के परिचित राहुल नामक आरोपी से संपर्क किया था। इसके पहले आरोपियों ने पहले साप्ताहिक बाजार में आने वाले ज्वेलरी व्यापारियों की रेकी की और फिर लूट की योजना बनाई। वहीँ फिर 23 मई को सभी आरोपी बिटकुला में एकत्र हुए और वारदात की रणनीति तैयार की। घटना वाले दिन वे देवरीखुर्द पहुंचे और व्यापारी की गतिविधियों पर नजर रखने के बाद हत्या और लूट की घटना को अंजाम दिया गया।
लूट के बाद जेवरों का किया गया था बंटवारा :
पुलिस ने इस मामले में बताया है कि, वारदात के बाद आरोपी देवरीखुर्द स्थित गया प्रसाद रजक के घर पहुंचे, जहां लूटे गए आभूषणों का आपस में बंटवारा किया। इसके साथ ही घटना से जुड़े सबूत मिटाने के लिए पैकिंग सामग्री को पास की टेकरी में जलाकर नष्ट कर दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में आरोपी खुशीराम साहू, राजाराम साहू और गया प्रसाद रजक को गिरफ्तार किया है। वहीं मुख्य शूटर राहुल, संजय, राजू समेत अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को दूसरे राज्यों में रवाना किया गया है। जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।
देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, लूटे गए जेवरात और 3 मोबाइल बरामद :
वहीँ आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक देशी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, लूटे गए जेवरात का हिस्सा तथा तीन मोबाईल फोन भी बरामद किये हैं। इस अंधी हत्या और लूटकांड की गुत्थी सुलझाने में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अविनाश मिश्रा, एसडीओपी मरवाही राजेश देवांगन, एसडीओपी पेण्ड्रा श्याम सिदार, सायबर सेल एवं एसीसीयू बिलासपुर सहित विभिन्न टीमों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले में और भी अहम खुलासे हो सकते हैं। वहीँ आपको बता दें कि पुलिस ने मामले में कड़ी मशक्कत करके आरोपियों को पकड़ा है।
परिजनों ने की है सीबीआई जांच की मांग :
छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही कोटमी के बाजार में सराफा व्यवसायी प्रदीप सोनी की हत्या के मामले में छह दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ हत्यारों का कोई भी सुराग नहीं लग पाया था, जिसके बाद मृतक के परिजनों का आक्रोश बढ़ता ही जा रहा था। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी के नेतृत्व में पीड़ित परिवार के सदस्यों ने कलेक्टर से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की उच्च स्तरीय सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा था।
मृतक की बेटी ने कहा : कातिलों का एनकाउंटर किया जाये :
कलेक्टर कार्यालय पहुंचे पीड़ित परिवार ने कहा था कि घटना के छह दिन बाद भी आरोपियों का सुराग न मिल पाना स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और सुरक्षा तंत्र पर बड़ा सवालिया निशान है। मुलाकात के दौरान मृतक प्रदीप सोनी की शोकाकुल बेटी का गुस्सा और दर्द साफ नजर आया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि उसके पिता के कातिलों को समाज में रहने का कोई हक नहीं है, उनका तत्काल एनकाउंटर किया जाना चाहिये। बेटी अपने पिता के लिये न्याय की गुहार लगाती रही है, लेकिन कार्यवाही कानून के अनुरूप ही होगी।
फरार आरोपियों का सुराग देने वालों को दिया जाएगा इनाम : आईजी
अब इस सफलता के बाद छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के कोटमी साप्ताहिक बाजार में हुए बहुचर्चित ज्वेलरी व्यापारी हत्याकांड के आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने अपनी कार्यवाही तेज कर दी है। बिलासपुर रेंज के आईजी (IG) राम गोपाल गर्ग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फरार आरोपियों का सुराग देने वालों को 30,000 का इनाम देने का ऐलान किया था। पुलिस बाकी आरोपियों को भी पकड़ने में जुट गई है।



