बेवफा निकली पत्नी कहकशां, गैर-मर्द के साथ पकड़ी गई तो पति को नहला दिया तेजाब से, फिर सामने आया चौंकाने वाला खुलासा।

संभल (उ.प्र.) : जहाँ पहले ससुराल सास-ससुर और पति से महिलायें पीड़ित होती रही वहीँ अब वो हाथ से निकल गई है, सामने आये मामले के अनुसार पति की आंखों में तेजाब डालने वाली पत्नी को संभल कोर्ट ने सोमवार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 1.75 लाख का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले की कोर्ट में एक साल से ज्यादा समय में 10 सुनवाई हुईं। तेजाब के हमले से एक दिन पहले पत्नी ने पति को खाने में जहर देकर जान से मारने की कोशिश भी की थी। रंजिश में अंधी हो चुकी कहकशां ने सो रहे पति मुजफ्फर पर बाल्टी भरकर तेजाब उड़ेल दिया था। इस जानलेवा हमले में मुजफ्फर का चेहरा और पूरा शरीर 60% तक बुरी तरह झुलस गया था, जिसके बाद उसे गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

बिजनौर के नगीना क्षेत्र की रहने वाली कहकशां (30) ने साल-2019 में मुजफ्फर अली (35) से लव मैरिज की थी। मुजफ्फर अली मजदूरी करता था। दोनों के 2 बच्चे भी हैं। बेटी की उम्र 5 साल बौर बेटा ढाई साल का है।

मुजफ्फर और कहकशां का प्रेम विवाह हुआ था, लेकिन फिर भी पत्नी कहकशां का पड़ोस के युवक के साथ प्रेम-प्रसंग शुरू हो गया था, फिर 7 मार्च 2025 को मुजफ्फर ने अपनी पत्नी कहकशां को युवक के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा था, जिसका विरोध करने पर पत्नी ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम de दिया। बीती 27 मई को दोषी करार दिये जाने के बाद सोमवार को जैसे ही कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई, कहकशां फूट-फूटकर रोने लगी, तो वहीं, पीड़ित मुजफ्फर इंफेक्शन के डर से चेहरे पर कपड़ा बांधकर मां के सहारे इंसाफ सुनने अदालत पहुंचा था।

अदालत ने क्रूरता की सारी हदें पार करने वाली दोषी पत्नी कहकशां पर उम्रकैद की सजा के साथ-साथ 175000 का भारी जुर्माना भी लगाया है। एसिड अटैक के बाद मुजफ्फर 6 महीने तक दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझता रहा। इलाज से जान तो बच गई, लेकिन तेजाब के कारण उसकी दोनों आंखों की रोशनी हमेशा के लिए चली गई और वो हमेशा के लिये अँधा हो गया। उसका दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल में करीब 6 महीने तक इलाज चला था। इसके बावजूद आंखों की रोशनी वापस नहीं आ सकी थी।

हाईकोर्ट की लगातार निगरानी के बीच, संभल पुलिस की मजबूत पैरवी के चलते फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मात्र 10 (10) बेहद सूक्ष्म सुनवाइयों में यह ऐतिहासिक फैसला सुनाकर पीड़ित को न्याय दिया है। वहीँ इस मामले में कहकशां की वकील पिंकी शर्मा ने बताया है कि आजीवन कारावास के फैसले से हम संतुष्ट नहीं हैं। पुलिस ने मामले में 17 दिन बाद ससुराल वालों की शिकायत पर कहकशां के खिलाफ केस दर्ज किया था। इतने गंभीर अपराध में भी केस दर्ज करने में देरी क्यों हुई? इसमें साजिश है। कहकशां को लव मैरिज करने की सजा मिली है। इस केस में ऐसे कई सवाल हैं। कोर्ट में हमें बोलने का समय नहीं दिया गया। फैसले के खिलाफ हम ऊपरी अदालत में अपील करेंगे।