ममता को चौतरफा झटका : शुभेंदु की बैठक में पहुंचे टीएमसी के 18 विधायक, अब करीबी फिरहाद हकीम ने कोलकाता के महापौर पद से दिया इस्तीफा।

कोलकाता (प.बंगाल) : पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी की परेशानी बढ़ती चली जा रही है। राज्य में सत्ता बदलने के बाद से टीएमसी के दागी नेताओं के खिलाफ लगातार कार्यवाही हो रही है। टीएमसी के नेताओं को जनता का गुस्सा भी झेलना पड़ रहा है, ए.बी.ए. माहौल बदल चुका है और आने वाले 5 साल तक कम से कम सत्ता स्थिर रहेगी। अब तक टीएमसी के कई नेता पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद से ही टीएमसी में टूट का खतरा भी मंडरा रहा था। अब बुधवार को पार्टी में बड़ी टूट भी हो गई। जानकारी के अनुसार, बंगाल में ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में TMC के 60 विधायक बागी हो गये हैं। इतना ही नहीं, अब ममता बनर्जी के करीबी नेता और विधायक फिरहाद हकीम ने कोलकाता के महापौर पद से इस्तीफा दे दिया है।

टीएमसी के नेता कुणाल घोष ने जानकारी दी है कि ममता बनर्जी ने फिरहाद हकीम को पद छोड़ने की अनुमति दी थी। जानकारी के अनुसार, बंगाल चुनाव में हार के बाद से टीएमसी में अभिषेक बनर्जी का विरोध जारी है। जिन दो विधायकों को ममता ने सोमवार को पार्टी से निकाला अब उन्हीं के नेतृत्व नें नई टीएमसी बनाये जाने की अटकलें लगाई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि TMC से निष्कासित 2 विधायकों ने खुद को असली TMC का बताते हुए अपने साथ 50 से ज्यादा MLA होने का दावा किया है तो दावेदारी विपक्ष के नेता के पद और चुनाव चिन्ह पर भी की जा रही है। इधर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को हावड़ा और साउथ 24 परगना की एडमिनिस्ट्रेटिव मीटिंग बुलाई जिसमें तृणमूल के 18 विधायक शामिल हुये हैं। अब राजनैतिक परिदृश्य को देखते हुये टीएमसी के कई नेता भाजपा में आ रहे है, जिससे ममता के लिये मुश्किलें खड़ी हो गई है।

CM की बैठक में कौन से विधायक शामिल हुए?

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा बुलाई गई कोलकाता, हावड़ा और साउथ 24 परगना की एडमिनिस्ट्रेटिव मीटिंग में अब तक शामिल हुए तृणमूल विधायक की लिस्ट सामने आ गई है।

ममता बनर्जी ने उठाया बड़ा कदम :

दूसरी तरफ टीएमसी की प्रमुख ममता बनर्जी ने भी बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने पार्टी की सभी कमेटियां और संगठन को भंग कर दिया है। TMC ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा- “काफी विचार-विमर्श के बाद यह फैसला किया गया है कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की सभी समितियां और इसके सभी सहयोगी संगठन तत्काल प्रभाव से भंग कर दिए जाएंगे। पार्टी हर स्तर पर व्यापक आत्मनिरीक्षण, प्रदर्शन समीक्षा और संगठनात्मक मूल्यांकन करेगी। इस मूल्यांकन के परिणाम के आधार पर, मूल संगठन और सभी सहयोगी संगठनों की संगठनात्मक संरचना का पुनर्गठन किया जाएगा और उचित समय पर इसकी घोषणा की जाएगी। पार्टी अपने संगठन को मजबूत करने और भविष्य की चुनौतियों का नए जोश और दृढ़ संकल्प के साथ सामना करने के लिए प्रतिबद्ध है।” इस तरह अब टीएमसी नये कदम उठायेगी।

क्यों उठ रही टूट की अटकलें?

तृणमूल कांग्रेस से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने TMC के 50 विधायकों के साथ की सीक्रेट मीटिंग की है। वहीं, पार्टी के पूर्व नेता रिजू दत्ता ने दावा किया है कि दो तिहाई विधायकों ने पार्टी से अलग होने का मन बना लिया है। रिजु दत्ता ने भी दावा किया है कि बंगाल में टीएमसी का वही हाल होगा जो महाराष्ट्र में शिवसेना का हुआ था। इधर मंत्री तापस रॉय ने टीएमसी की टूट की अटकलों को सही ठहराया है। जिस तरह से राज्य में फेरबदल हुआ है, टीएमसी का टूटना तय है।