प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ाया हाथ, अभिनेता ने कर दिया नजरंदाज? सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस।

नई दिल्ली : प्रसिद्द कलाकार डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी ने बुधवार को उन टिप्पणियों पर जवाब दिया, जिसमें यह बताया जा रहा था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अनदेखी की है, दरअसल, मंगलवार को पद्म अवार्ड समारोह के दौरान रस्तोगी जब पुरस्कार प्राप्त करने जा रहे थे, उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हाथ जोड़कर उनका अभिवादन किया, लेकिन रस्तोगी उन्हे देख नही सके, उनका ध्यान नहीं गया, इसलिए बहुत सारे लोगों ने सोशल मीडिया पर यह खबर चला दी कि यह प्रधानमंत्री मोदी की विफलता का यह नतीजा है। आपको बता दें कि 83 साल की उम्र में भी रंगमंच, सिनेमा, रेडियो और टेलीविजन की दुनिया में अपनी अलग पहचान रखने वाले पद्मश्री सम्मानित अभिनेता डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी इन दिनों एक वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में नई दिल्ली में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।

क्या है पूरा मामला?

वीडियो में ऐसा लगा कि मंच पर पुरस्कार लेने जाते समय डॉ रस्तोगी ने प्रधानमंत्री द्वारा बढ़ाया गया हाथ नहीं देखा और सीधे आगे बढ़ गये। इस छोटी-सी घटना को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई और कई लोगों ने इसे राजनीतिक नजरिए से देखना शुरू कर दिया। हालांकि अब खुद डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी ने इस पूरे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और स्पष्ट किया है कि इस घटना को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हर चीज को राजनीति के चश्मे से देखना ठीक नहीं है और ये दुर्भाग्यपूर्ण है कि समारोह की इतनी बड़ी उपलब्धि के बीच लोगों का ध्यान सिर्फ इसी एक पल पर केंद्रित हो गया। इस तरह उन्होंने इस मामले को गलत बताया है।

पद्मश्री सम्मान के दौरान क्या हुआ था?

राष्ट्रपति भवन में आयोजित पद्म पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने डॉ. अनिल कुमार रस्तोगी को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया है। वहां जब वह मंच पर पुरस्कार लेने पहुंचे तो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन किया। इसी दौरान कैमरे में कैद हुए एक पल ने सोशल मीडिया पर अलग ही चर्चा शुरू कर दी है, असल में रस्तोगी जी उस समय नर्वस थे। वीडियो में कुछ लोगों को लगा कि प्रधानमंत्री ने उनसे हाथ मिलाने की कोशिश की, लेकिन डॉ. रस्तोगी उस ओर ध्यान नहीं दे पाये। इसके बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं और कई सोशल मीडिया प्रयोगकर्ताओं ने इस घटना को लेकर मजाक भी उड़ाया।

सोशल मीडिया पर दी सफाई :

विवाद बढ़ने के बाद डॉ. रस्तोगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने बताया कि वो देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक प्राप्त करने जा रहे थे। ऐसे में वो भावुक भी थे और थोड़ा घबराये हुए भी। इसी वजह से उनसे ये छोटी-सी चूक हो गई, वे ध्यान नहीं दे पाये। उन्होंने कहा कि किसी का हाथ न देख पाना या किसी क्षण को मिस कर देना यह साबित नहीं करता कि उनके मन में सम्मान की कमी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति उनके मन में गहरा सम्मान है और वह उन्हें देश का नेतृत्व करने के लिए एक सक्षम व्यक्ति मानते हैं।

ट्रोलर्स को दिया जवाब :

इस मामले में डॉ. रस्तोगी ने उन लोगों को भी जवाब दिया जो इस वीडियो को लेकर लगातार टिप्पणी कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 80 वर्ष से ज्यादा है और इस उम्र में ऐसी छोटी गलतियां हो सकती हैं। इसे जानबूझकर किया गया व्यवहार मानना उचित नहीं है। उन्होंने ये भी बताया कि वो भारतीय जनता पार्टी के समर्थक हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आदर रखते हैं। इसलिए इस घटना को राजनीतिक रंग देना पूरी तरह गलत है।

कार्यक्रम क्र दौरान डॉ. रस्तोगी के अलावा, राष्ट्रपति ने टेनिस के दिग्गज विजय अमृतराज, अभिनेता ममूटी और सतीश शाह, क्रिकेटर रोहित शर्मा और पार्श्व गायिका अलका याग्निक सहित कई अन्य प्रख्यात हस्तियों को भी प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कार प्रदान किये गये, वहीँ गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर, सरकार ने 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की थी। इन पुरस्कारों में पांच पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्म श्री शामिल हैं।