रायपुर पहुंचे अभिनेता सोनू सूद, कहा : राम मंदिर चंदा चोरों की संपत्ति जब्त कर जनकल्याण में लगायें।

रायपुर : भारतीय सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता सोनू सूद शनिवार को रायपुर एयरपोर्ट पहुंचे। वे यहां से दुर्ग जिले में आयोजित एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए रवाना हुये। रायपुर में मीडिया के सवाल पर सोनू सूद ने अयोध्या के राम मंदिर में हुए चंदा चोरी के मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। भगवान राम के मंदिर में चोरी के मामले को लेकर अभिनेता ने इस घटना पर दुख प्रकट करते हुए इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस मामले में जल्द ही न्याय होगा और स्थिति सामान्य हो जायेगी।

दान होता है आस्था और विश्वास का प्रतीक :

दुर्ग में आयोजित कार्यक्रम में सूद ने कहा कि धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं द्वारा किया गया दान आस्था और विश्वास का प्रतीक होता है। ऐसे धन का दुरुपयोग या चोरी करना अत्यंत गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की इस तरह के मामले में संलिप्तता साबित होती है तो उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जानी चाहिए। सोनू सूद ने कहा कि ऐसे लोगों की संपत्तियां जब्त कर उन्हें समाजहित और जनकल्याण के कार्यों में लगाया जाना चाहिये। उन्होंने कहा कि जो लोग भगवान के नाम पर किए गए दान में भी गड़बड़ी करते हैं, उनके प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जानी चाहिये। इस तरह उन्होंने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है।

आस्था से विश्वासघात करने वालों पर हो कड़ी कार्यवाही :

सोनू सूद ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति राम मंदिर या किसी भी धार्मिक स्थल के दान में चोरी करता है तो यह केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि लोगों की आस्था के साथ विश्वासघात भी है। ऐसे लोगों की संपत्ति लेकर उसे समाज और जनकल्याण के कार्यों के लिए दान कर देना चाहिए। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल यानी एसआईटी द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है। जांच प्रक्रिया के तहत पुलिस ने अब तक आठ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 79 लाख रुपये से अधिक की बरामदगी की है।

बता दें कि बीते दिनों आयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए नगद दान और अन्य चढ़ावे में गड़बड़ी का मामला सामने आया था। इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की SIT की प्रारंभिक जांच के बाद मंदिर ट्रस्ट की शिकायत पर 8 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। आरोप है कि दान की राशि में हेराफेरी, आपराधिक साजिश और भरोसे का उल्लंघन किया गया। कितने का गबन और कौन-कौन मास्टरमाइंड हैं इसकी जांच जारी है।