दुर्ग/भिलाई : स्मृति नगर क्षेत्र में पशु क्रूरता का मामला सामने आया है, जहाँ बारिश से बचने के लिए ऑटो सेंटर के सामने खड़े पिल्ले को लात मारने से उसकी मौत होने का आरोप है। मामले में शिकायत के आधार पर सुपेला पुलिस ने ऑटो सेंटर संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुपेला पुलिस ने बताया है कि प्रार्थी हिमांशु उपाध्याय (32 वर्ष) ने रिपोर्ट दर्ज कराया कि 5 जुलाई की शाम करीब 6.50 बजे वह स्मृति नगर मेन रोड पर टहल रहे थे। इसी दौरान बारिश से बचने के लिए एक छोटा पिल्ला मां बम्लेश्वरी ऑटो सेंटर के सामने आकर खड़ा हो गया था। इस दौरान ऑटो सेंटर के संचालक ने पिल्ले को जोरदार लात मार दी। इससे वह पास में बनी पानी की टंकी में जा गिरा। करीब 30-40 सेकंड तक पानी में रहने के बाद उसे बाहर निकाला गया, लेकिन कुछ ही सेकंड में उसकी मौत हो गई।
अब इस मामले में ऑटो सेंटर में पहुंचे आवारा पिल्ले की मौत के मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के दौरान एक आवारा पिल्ला भीगने से बचने के लिए भिलाई स्थित मां बम्लेश्वरी ऑटो सेंटर में पहुंच गया था। आरोप है कि ऑटो सेंटर संचालक ने पिल्ले को वहां से भगाने के लिए उसे जोरदार लात मार दी। लात लगने के बाद पिल्ला पास में रखी पानी की टंकी में जा गिरा और डूबने से उसकी मौत हो गई। जिसके बाद घटना को लेकर प्रत्यक्षदर्शी हिमांशु उपाध्याय ने स्मृति नगर चौकी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी है। इस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 325 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 के तहत अपराध दर्ज किया है।
पुलिस अब पूरे इस मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों एवं गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि मामले में दुर्ग पुलिस और एसएसपी विजय अग्रवाल के निर्देश पर त्वरित कार्यवाही की गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद आगे की वैधानिक कार्यवाही की जायेगी, यह घटना पशु क्रूरता के अधीन आती है। इस घटना के सामने आने के बाद पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में काफी नाराजगी है।
पशु प्रेमी संस्था और एक्टिविस्टों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है। उनका कहना है कि बेजुबान जानवरों के साथ इस तरह की क्रूरता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं ने कहा कि बारिश और ठंड जैसे मौसम में बेसहारा पशु अक्सर सुरक्षित जगह की तलाश में लोगों के घरों, दुकानों और शेड में पहुंच जाते हैं। ऐसे समय में उनके साथ संवेदनशील व्यवहार किया जाना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान आवारा पशुओं को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने में सहयोग करें। इसके साथ ही किसी भी पशु के साथ हिंसा या क्रूरता की घटना सामने आने पर तत्काल पुलिस या संबंधित विभाग को सूचना दें। फिलहाल पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच के बाद दोषी के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी।



