रायपुर : आधुनिक बदलाव का असर हर क्षेत्र पर पड़ा है, जहाँ भारतीय सिनेमा की महंगीफ़िल्में भी लगातार फ्लॉप हो रही है, तो वहीँ क्षेत्रीय सिनेमा भी इससे अछूता नहीं है, फ़िल्में बनाने का बजट बढ़ता जा रहा है तो वहीँ, टिकट दरें भी बढ़ती ही जा रही है, इसके साथ मोबाईल और ओटीटी ने बड़ा दर्शक वर्ग चुरा लिया है, जिससे सिनेमा पर बड़ा असर पड़ा है। जारी वर्ष 2026 के शुरुआती छै माल क्षेत्रिय छत्तीसगढ़ी सिनेमा के लिए बहुत अच्छी नहीं कही जा सकता है। जिसका कारण साफ है, कि अब तक 16 फिल्में रिलीज हुईं है, लेकिन हिट का तमगा एक को ही मिला। 15 मई को रिलीज हुई मयारू भौजी 2 ने कामयाबी के झंडे गाड़े और यह फिल्म 50 दिन पूरे करने में सफल रही। कुछ फिल्में ऐसी भी रहीं जिनकी प्रशंसा जरुर हुई, लेकिन बॉक्स ऑफिस में सफल नहीं हो पाई। इसके बाद अब अगले 6 महीने में जो फ़िल्में अआने वाली है, वो कितनी फिल्में सफल हो पाती है, यह कह पाना भी मुश्किल है।
छत्तीसगढ़ी ये फिल्में हुईं है अब तक रिलीज है :
का तैं मोहिनी मार दिए रे, प्रेम रोग, मोला लव होगे, दिलदार मोर यार, महूं दिलवाला तहूं दिलवाली, कब होही मिलन, सरकारी दामाद, अंगार, आटा चक्की, डॉर्लिंग प्यार झुकता नहीं अगेन, द बीरनपुर फाईल्स, मंगलसूत्र, मया देदे मयारू 2, मयारू भौजी 2, बलि, पप्पू की शादी म भारी टेंशन। अब इनके बाद आने वाली फ़िल्में है अमलेश नागेश स्टारर मोर मयारू-तोर मयारू, धनेश साहू स्टारर लोक परलोक और आंय बांय सांय, मनीष स्टारर ममा मामी झकास हे, आनंद स्टारर मोर वाल अलग हे, मन-दीक्षा स्टारर जान लेबे का, मयाराम, मया के जादू चल गए, आरजे बस्तर, मैं राजा सुपरस्टार ।
वीएफएक्स और बीजीएम को सराहा :
गंगासागर पंडा निर्देशित बलि के वीएफएक्स और बीजीएम को काफी सराहना मिली। अनुराग निर्मलकर की सिनेमेटोग्राफी को भी पसंद किया गया। वीएफएक्स प्रवीर दास का था जबकि बीजीएम अनुग्रह-प्रदीप की जोड़ी ने दिया था। हॉरर जॉनर की फिल्म में सिंगर से अभिनेता बने अनुराग शर्मा ने बड़े पर्दे पर पहली बार अभिनय किया था, जिसमें उनकी चर्चा हुई। वहीँ आपको बता दें कि अनुराग शर्मा ने माचिस फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले भी देवी माता के बेहतर हिंदी भजन गाये है।



