महतारी वंदन योजना से सनी लियोनी सहित 1.55 लाख महिलायें बाहर, रायपुर में 12,043 नाम कटे, अयोग्य लोगों से की गई वसूली भी।

रायपुर : महतारी वंदन योजना के तहत हर लाभार्थी को 29 किश्तें मिल चुकी है, बी छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना में अब तक 1 लाख 55 हजार से अधिक महिलाओं के नाम काटे गये हैं। जिसमें पात्रता की दोबारा जांच, मौत, बाकी राज्यों में स्थानांतरण, आयु संबंधी बदलाव और दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान बड़ी संख्या में हितग्राहियों के नाम हटाये गये है। महिला एवं बाल विकास और समाज कल्याण विभाग के मुताबिक, सबसे ज्यादा नाम रायपुर जिले में 12,043 महिलाओं के कटे हैं। वहीं, बीजापुर ऐसा जिला रहा जहां करीब 2597 नए पात्र हितग्राहियों के जुड़ने से लाभार्थियों की संख्या बढ़ गई है।

सनी लियोनी का आवेदन सामने आने के बाद शुरू हुआ था सत्यापन :

योजना 2024 में उस समय भी चर्चा में आई थी, जब सनी लियोनी के नाम से फर्जी तरीके से राशि जारी होने का मामला सामने आया था, जिसके बाद प्रशासनिक हल्कों में हड़कम्प मच गया था, ये पैसे की बंदरबांट का मामला था। जांच में सामने आया कि फर्जी दस्तावेजों के जरिए आवेदन कर योजना का लाभ लिया गया था। यह मामला उजागर होने के बाद सरकार ने सत्यापन अभियान तेज किया और कई अपात्र नाम सूची से हटाये गये। सनी लियोनी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा था कि छत्तीसगढ़ महतारी वंदन योजना में उनकी आइडेंटिटी और नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। ऐसे में उनके नाम से भी फर्जी तरीके से राशि ली गई।

3 केस से जानिए इनका क्यों कटा नाम ?

  • खैरागढ़ जिले के मुढ़ीपार निवासी तिलोक साहू सीएससी सेंटर चलाता है। उसने महतारी वंदन योजना के लिए आवेदन किया था। करीब 1 साल तक उसके खाते में योजना की राशि भी आती रही। आरटीआई खुलासे के बाद उसका नाम काटकर रिकवरी की गई, उससे पैसे वसूल किये गये।
  • पेंड्रा निवासी कलम सिंह कंवर ने योजना के तहत फॉर्म भरा था, जिसे सत्यापन के बाद अपात्र किया गया था।
  • बस्तर के तालुर गांव में एक्ट्रेस सन्नी लियोनी के नाम से आवेदन किया गया था। वीरेंद्र कुमार जोशी के खाते में महतारी वंदन के पैसे ट्रांसफर हुए थे।

हितग्राहियों के सत्यापन में अपात्रों के कटे नाम :

सरकार का कहना है कि, योजना का उद्देश्य केवल पात्र महिलाओं तक आर्थिक सहायता पहुंचाना है। इसलिए समय-समय पर हितग्राहियों का सत्यापन किया जा रहा है। जिन महिलाओं की मौत हो चुकी है, जिन्होंने गलत जानकारी देकर आवेदन किया, जो पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करतीं या जिनके दस्तावेजों में गड़बड़ी मिली, उनके नाम सूची से हटाए गए हैं। बीजापुर में 2597 नए पात्र आवेदनों के सत्यापन के बाद लाभार्थियों की संख्या बढ़ी है। अधिकारियों के अनुसार जिन महिलाओं के नाम गलती से हटे हैं या पात्र होने के बावजूद सूची में शामिल नहीं हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा आवेदन या दावा प्रस्तुत कर सकती हैं।