फर्जी सिमकार्ड बेचने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा, बायोमेट्रिक के जरिये करते थे धोखाधड़ी का काम।

धमतरी : वर्तमान में फर्जी सिम का धंधा नामुमकिन हो गया है, फिर भी फर्जीवाड़े करने वाले लोग ऐसे कामों को अब भी अंजाम दे रहे है, जिसमें भखारा थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों और बायोमेट्रिक का दुरुपयोग कर सिम कार्ड जारी करने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मामले में दो आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है। वर्तमान में आधार कार्ड से ऑनलाईन बायोमैट्रिक से ही सिम मिलता है, जिसमें फर्जीवाड़े की कोई आशंका नहीं होती, फिर भी चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

पुलिस के अनुसार आरोपी प्रेम साहू और वासुदेव साहू स्वयं को सिम विक्रेता एजेंट बताकर लोगों से आधार कार्ड, फोटो और बायोमेट्रिक जानकारी प्राप्त करते थे। इसके बाद एक ही व्यक्ति के नाम पर कई सिम कार्ड सक्रिय कर दिये जाते थे, जिससे सामने वाले व्यक्ति को पता नहीं चल पाता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन सिम कार्डों का उपयोग साइबर ठगी और अन्य अवैध गतिविधियों में किया जा रहा था।

पूरे नेटवर्क की पड़ताल  जा रहा खंगाला :

मामले की शिकायत मिलने पर भखारा पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है तथा फरार आरोपियों की तलाश जारी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फर्जी तरीके से जारी किए गए सिम कार्डों का उपयोग किन-किन मामलों में किया गया। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को आधार कार्ड, फोटो या बायोमेट्रिक जानकारी न दें। इसके साथ ही संचार साथी के TAFCOP पोर्टल पर अपने नाम से जारी सिम कार्डों की नियमित जांच करें। यदि किसी अनजान नंबर की जानकारी मिले तो उसकी तुरंत ऑनलाईन शिकायत दर्ज कराकर उसे बंद कराने की कार्यवाही करें, इससे अनुपयोगी सिम कार्ड बंद हो जाते है।