जगदलपुर : राज्य के अधिकांश ग्रामीण क्षेत्रों में बेहिसाब आदिवासी और गरीब परिवारों ने ईसाई धर्म अपना लिया है, जिसके कारण कई बार बवाल होने के मामले सामने आये है, उसके साथ ही कई लोग घर वापसी भी करते रहे है, वहीँ अब बस्तर के दरभा ब्लॉक की चिड़पाल ग्राम पंचायत में एक परिवार के सात सदस्यों के करीब 10 साल बाद अपनी पुरानी धार्मिक परंपराओं की ओर लौटने का मामला सामने आया है। यहाँ परिवार के सदस्यों ने ईसाई धर्म छोड़कर दोबारा सनातन धर्म अपनाने का निर्णय लिया है। इसके बाद गांव में धार्मिक आयोजन कर विधि-विधान के साथ घर वापसी की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
यादव समाज की पहल के बाद लिया निर्णय :
जानकारी के अनुसार परिवार को यादव समाज के पदाधिकारियों ने उनके मूल धर्म और पूर्वजों की परंपराओं से दोबारा जुड़ने को लेकर समझाइश दी। समाज की पहल के बाद परिवार के सात सदस्यों ने अपनी पुरानी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं की ओर लौटने पर सहमति जताई। इसके बाद गांव में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां परिवार के सदस्यों ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ सनातन परंपरा को अपनाया है।
हवन-पूजन और शुद्धिकरण संस्कार कराया गया :
घर वापसी कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन और शुद्धिकरण संस्कार कराया गया। धर्माचार्यों ने परिवार के सदस्यों को गायत्री मंत्र और गीता पाठ के साथ यादव समाज की पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं और रीति-रिवाजों की जानकारी दी। इस कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों की भी मौजूदगी रही। परिवार के सदस्यों ने अपनी पुरखों की परंपराओं से दोबारा जुड़ने पर सहमति जताई। वहीँ लोभ लालच और डर में धर्मान्तरण करने की बात उन्होंने कही। इस दौरान बस्तर जिला यादव समाज के संरक्षक लच्छिन यादव, उपाध्यक्ष रघुवंश यादव, सचिव लखीराम यादव सहित समाज के अन्य पदाधिकारी और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।



