स्कूल के बाबू से रिश्वत लेने के मामले में प्राचार्य अंजुलता सोनी और लिपिक विकास मसीह गिरफ्तार, ACB की कार्यवाही में पकड़ाये।

जांजगीर : रिश्वतखोरों पर ACB की लगातार कार्यवाही जारी है, ऐसे ही छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्यवाही की है, जिसमें दो आरोपी पकड़ाये है। मामले के अनुसार शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किरारी की प्राचार्य और लिपिक को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए ACB की टीम ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। दोनों पर स्कूल में पदस्थ बाबू से वेतन वृद्धि के एरियर की राशि जारी कराने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंजुलता सोनी, प्राचार्य और विकास मसीह, लिपिक के रूप में हुई है। बताया गया है कि शिकायतकर्ता मनीष राठौर इसी स्कूल में बाबू के पद पर पदस्थ हैं।

80 हजार के एरियर के भुगतान के लिए मांगी रिश्वत :

मिली जानकारी के मुताबिक मनीष राठौर को वेतन वृद्धि के एरियर के रूप में करीब 80 हजार रुपये का भुगतान मिलना था। आरोप है कि इस राशि को निकलवाने और भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के एवज में प्राचार्य और लिपिक ने उनसे 10 हजार रुपये की मांग की थी। रिश्वत की मांग से परेशान होकर मनीष राठौर ने मामले की शिकायत ACB से की। इस शिकायत का सत्यापन करने के बाद अधिकारियों ने आरोप सही पाए और दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए योजना भी बनाई और मौका पाकर उन्हें पकड़ लिया। 

रकम लेते ही ACB टीम ने दबोचा :

ACB की योजना के तहत शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर आरोपियों के पास भेजा गया था। तय योजना के मुताबिक जैसे ही प्राचार्य और लिपिक ने 10 हजार रुपये स्वीकार किए, पहले से मौजूद ACB टीम ने मौके पर कार्यवाही करते हुए दोनों को पकड़ लिया गया, जिससे दोनों हड़बड़ा गये। कार्यवाही के दौरान रिश्वत की रकम भी बरामद की गई। दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही मामले से संबंधित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच भी जारी है।

13 अधिकारियों की टीम ने की कार्यवाही :

इस कार्यवाही में ACB के कुल 13 अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे, जिन्होंने इस कार्यवाही को अंजाम दिया। टीम आरोपियों से पूछताछ के साथ रिश्वत की मांग और भुगतान से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल कर रही है। कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में भी हलचल तेज हो गई है। ACB अधिकारियों के अनुसार मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार जारी है। वहीँ इस कार्यवाही के बाद बताया जा रहा है कि यह कार्यवाही बिलासपुर ACB की 56वीं ट्रैप कार्यवाही है। एक ही सरकारी स्कूल के प्राचार्य और लिपिक के रिश्वत लेते पकड़े जाने से शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्यवाही को लेकर चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल दोनों आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर भी इस मामले में आगे की कड़ी कार्यवाही की जायेगी।