अर्जेंटीना में अचानक गायब हुआ समुद्र, सैंकड़ों जहाज फंसे, प्रलय की आशंका या सुनामी का संकेत, या फिर कुछ भी नहीं? देखें विडियो।

ब्यूनस आयर्स (अर्जेंटीना) : अर्जेंटीना का समुन्दर सुख गया है, जिसकी जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है, वहीँ इस घटना के अनुसार अर्जेंटीना से समुद्र के रहस्यमय ढंग से “गायब” होने का दावा करने वाला एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया में चर्चा में है। दावा किया गया है कि अर्जेंटीना में अटलांटिक महासागर अचानक रातोंरात सूख गया है। उसके जलस्तर में इतनी कमी हुई है कि समुद्र का तल दिखने लगा है। वायरल फुटेज में फुटेज में समुद्र तल का एक विशाल हिस्सा दिखाई दे रहा है, जिसमें खड़े जहाज और नावें तल से सटे नजर आ रहे हैं। इससे उस क्षेत्र में एक रहस्यमयी टापू जैसी जगह भी दिखने लगी। सोशल मीडिया में कुछ लोगों ने इसे प्रलय का संकेत होने का दावा किया है। आमतौर पर ऐसी घटनायें सुनामी आने की आशंका को मजबूत करती है, आपको बता दें कि सुनामी समुद्र के भीतर आने वाले शक्तिशाली भूकंप, समुद्र के अन्दर ज्वालामुखी विस्फोट या भूस्खलन के कारण पानी के बड़े पैमाने पर विस्थापित होने से आती है, जो पहले समुद्र में समा जाता है और गर्म लावे या मैग्मा से टकरा चौगुनी ताकत से वापस आता है।

अर्जेंटीना के समुद्र गायब होने वाले वीडियो की सच्चाई :

अर्जेंटीना के ब्यूनस आयर्स में समुद्र के पीछे हटने का वीडियो असली है। ब्यूनस आयर्स में समुद्र पूरी तरह से सूखा या गायब नहीं हुआ है। इसके बजाय, अगस्त 2026 के आखिरी हफ्ते में एक असाधारण निम्न ज्वार की घटना के कारण ब्यूनस आयर्स के पास के तटीय क्षेत्रों में समुद्र के पानी में असामान्य रूप से कमी देखी गई। यह कोई वैश्विक आपदा नहीं थी, बल्कि मौसम संबंधी कारणों से घटी एक अस्थायी प्राकृतिक घटना थी। इसके साथ ही आपको बता दें कि इस प्रकार की घटना ओड़िशा के बालासुर जिले के चांदीपुर बीच पर भी होती रहती है, लेकिन अर्जेंटीना पर पहली बार हुई इस घटना ने लोगों में एक डर पैदा कर दिया है।

रहस्यमयी टापू की बात कहां से आई :

सामने आये वायरल वीडियो को ब्यूनस आयर्स प्रांत के एक प्रमुख तटीय पर्यटन शहर मार डेल प्लाटा के तट पर शूट किया गया था। अर्जेंटीना के प्रमुख दैनिक समाचार पत्र ला नेसियन ने बताया कि समुद्र के पानी के पीछे हटने से रेस्टिंगा डेल फारो नामक एक विशाल, स्थायी चट्टानी संरचना उभरकर सामने आई है। यह चट्टान हमेशा समुद्री पानी में डूबी रहती थी। ऐसे में लोगों को लगने लगा कि कोई द्वीप या रहस्यमयी टापू उभरकर सामने आया है। हालांकि, सामान्य ज्वार-भाटे का चक्र पूरा होने के बाद, समुद्र का जलस्तर उसी दिन अपने सामान्य स्तर पर लौट आया और यह चट्टान फिर से पानी में डूब गई है, जिससे अब लोगों में डर समाप्त हो गया है, फिर भी एहतियात बरतते हुये वैज्ञानिक इसकी जांच में जुटे है।

ब्यूनस आयर्स में समुद्र के जलस्तर में गिरावट का कारण क्या?

ब्यूनस आयर्स में समुद्र के जलस्तर में गिरावट के कई कारण गिनाए जा रहे हैं। मीडिया आउटलेट पेस्केयर के अनुसार, तट से समुद्र की ओर चलने वाली तेज हवाएं तटीय जल को दूर धकेल सकती है। इससे समुद्र का जल स्तर ज्वार-भाटा के समय काफी कम हो सकता है। इसके अलावा वायुमंडलीय दबाव को भी एक कारक बताया जा रहा है, जिससे समुद्री जलस्तर में अस्थायी उतार-चढ़ाव हो सकता है। वहीं, निम्न ज्वार के वक्त भी तटीय जल स्तर तेजी से कम हो सकता है। हालांकि, इससे यह साबित होता है कि यह मौसम संबंधी अस्थायी घटना थी, जो थोड़े समय बाद खत्म हो गई। वहीँ फिर भी भूगर्भ और मौसम वैज्ञानिक इसकी जांच पड़ताल में जुटे है, कई बार धोखा भी हो जाता है, जिससे बड़े स्तर पे जनहानि हो जाती है।