नई दिल्ली: भारत समेत दुनियाभर के ऑटोमोबाईल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की मांग में तेजी से इजाफा हो रहा है। बढ़ती लोकप्रियता के बीच वाहन निर्माता कंपनियां लगातार अत्याधुनिक तकनीक वाले नए मॉडल्स पेश कर रही हैं। हालांकि, पारंपरिक पेट्रोल-डीजल कारों से अलग तकनीक होने के कारण अधिकांश ग्राहकों को अभी भी ईवी के सही रखरखाव और सर्विसिंग की पूरी जानकारी नहीं है।
इलेक्ट्रिक वाहनों में छोटी-सी लापरवाही भी महंगे कंपोनेंट्स को बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। यदि आप भी इलेक्ट्रिक कार के मालिक हैं, तो सर्विस कराते समय इन प्रमुख बातों का विशेष ध्यान रखें:
- तय शेड्यूल पर ही कराएं सर्विस: पेट्रोल-डीजल कारों के मुकाबले इलेक्ट्रिक कारों में मूविंग पार्ट्स कम होते हैं, जिसके चलते इनकी सर्विसिंग का अंतराल काफी लंबा होता है। कई बार वाहन मालिक इस लंबे अंतराल के कारण अगली सर्विस की तारीख भूल जाते हैं। सर्विस टालने से तकनीकी खामियों का समय पर पता नहीं चल पाता, इसलिए कंपनी द्वारा तय किए गए शेड्यूल के अनुसार ही कार की जांच कराएं।
- सर्विस सेंटर पर हर छोटी दिक्कत की दें जानकारी: कार चलाते समय यदि किसी भी तरह का असामान्य बदलाव नजर आए—जैसे केबिन में कोई असामान्य आवाज, अचानक रेंज में गिरावट या डैशबोर्ड पर चेतावनी लाइट—तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत सर्विस एडवाइजर को बताएं। शुरुआती स्तर पर पहचान होने से बड़ी तकनीकी खराबी और भारी खर्च से बचा जा सकता है।
- बैटरी हेल्थ, मोटर और सॉफ्टवेयर अपडेट्स: ईवी का सबसे अहम और महंगा हिस्सा उसकी बैटरी पैक और इलेक्ट्रिक मोटर होती है। सर्विसिंग के दौरान तकनीशियन से बैटरी की स्थिति (State of Health) और मोटर के प्रदर्शन की जांच जरूर कराएं। इसके साथ ही, यदि कार के लिए कोई नया ओटीए (Over-The-Air) सॉफ्टवेयर अपडेट उपलब्ध है, तो उसे इंस्टॉल कराएं ताकि वाहन के इलेक्ट्रॉनिक फीचर्स और परफॉर्मेंस बेहतर रह सकें।
- टायर, ब्रेक और लाइट्स की रूटीन जांच: ईवी में बैटरी और मोटर के अलावा बुनियादी सुरक्षा पार्ट्स की नियमित निगरानी भी आवश्यक है। इलेक्ट्रिक गाड़ियों का वजन सामान्य कारों से अधिक होता है और इनमें इंस्टेंट टॉर्क मिलता है, जिससे टायरों और ब्रेक पैड्स पर ज्यादा दबाव पड़ता है। सर्विसिंग के वक्त टायरों का घिसाव, ब्रेक फ्लुइड, पैड्स और सभी लाइट्स की स्थिति की जांच कराएं।
- हमेशा अधिकृत सर्विस सेंटर को ही चुनें: इलेक्ट्रिक गाड़ियों में हाई-वोल्टेज सिस्टम और जटिल वायरिंग होती है, जिसे संभालने के लिए प्रशिक्षित तकनीशियनों की जरूरत होती है। किसी भी लोकल वर्कशॉप के बजाय हमेशा कंपनी के अधिकृत (Authorized) सर्विस सेंटर पर ही काम करवाएं और सभी सर्विस रिकॉर्ड्स सुरक्षित रखें, जिससे भविष्य में वारंटी क्लेम करने में कोई परेशानी न आए।
इलेक्ट्रिक कार की लंबी उम्र और बेहतर रेंज पूरी तरह उसके सही रखरखाव पर निर्भर करती है। समय पर की गई नियमित जांच न केवल सुरक्षित ड्राइविंग अनुभव देती है, बल्कि भविष्य में होने वाले बड़े मरम्मत खर्च से भी बचाती है।