सुशासन को मिली डिजिटल गति: छत्तीसगढ़ में ₹500 करोड़ के राज्य AI मिशन को मिली मंजूरी।

रायपुर : पारदर्शी और भविष्योन्मुख शासन व्यवस्था के निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने ₹500 करोड़ की लागत से ‘छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन’ को स्वीकृति दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में यह मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Digital India’ और ‘IndiaAI Mission’ के विजन के अनुरूप तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य केवल तकनीक अपनाना नहीं, बल्कि प्रशासन, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में तकनीकी नवाचार के जरिए निर्णय प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाना है।

6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मियों को AI दक्षता :

अगले पांच वर्षों में प्रदेश के करीब 6 लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे ‘जॉब सीकर’ के बजाय ‘जॉब क्रिएटर’ बन सकें। प्रशासनिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए लगभग 1.5 लाख शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों को भी AI टूल्स और डिजिटल तकनीकों में दक्ष किया जाएगा, जिससे सरकारी कामकाज में गति, दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।

100 डेटा लैब और 5 उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना :

प्रदेश में AI आधारित शिक्षा और अनुसंधान को गति देने के लिए 100 अत्याधुनिक AI डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं। IIIT नवा रायपुर और NIT रायपुर के तकनीकी सहयोग से खनन, इस्पात, स्वास्थ्य, कृषि और स्मार्ट गवर्नेंस जैसे कोर क्षेत्रों में स्थानीय समाधान तैयार करने और अनुसंधान को बढ़ावा देने पर फोकस रहेगा।

कृषि, स्वास्थ्य और उद्योगों में स्मार्ट समाधान :

कृषि क्षेत्र में मौसम, फसल और कीट से जुड़े डेटा विश्लेषण से किसानों को समय पर सटीक परामर्श मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं में रोगों की त्वरित पहचान, सटीक जांच और मेडिकल उपकरणों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा। वहीं, उद्योगों में AI सेंसर, रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग के प्रयोग से उत्पादन क्षमता, ऊर्जा बचत और मशीनों की खराबी का पहले से पूर्वानुमान लगाना आसान बनेगा।

50 से अधिक नागरिक सेवाएं AI प्लेटफॉर्म से जुड़ेंगी :

सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक फेरे और कागजी प्रक्रिया कम करने के लिए ‘सेवा सेतु’ जैसे पोर्टलों के विस्तार के साथ 50 से अधिक लोक सेवाओं को AI आधारित डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जा रहा है। लोक निर्माण विभाग में WAMIS जैसी प्रणालियों के बाद अब अन्य विभागों में भी इन तकनीकों के जरिए दूरदराज के क्षेत्रों तक सरकारी लाभ पहुंचाना सुगम किया जा रहा है।

नवा रायपुर बनेगा नया टेक हब: ₹1,200 करोड़ का बुनियादी निवेश :

नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-22 में 13.5 एकड़ क्षेत्र पर ₹1,000 करोड़ के निवेश से AI आधारित डेटा सेंटर और AI SEZ विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही ₹200 करोड़ की लागत से नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना होगी। स्थानीय इकोसिस्टम और युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए 300 से अधिक AI आधारित स्टार्टअप्स को वित्तीय और तकनीकी मदद दी जाएगी, जो ‘विकसित छत्तीसगढ़’ और ‘Vision 2047’ के लक्ष्यों को मजबूती देगा।