रायपुर : छत्तीसगढ़ में अब तेज आवाज में डीजे और लाउडस्पीकर बजाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वालों पर राज्य सरकार पूरी सख्ती बरतने जा रही है। सरकार ने इसके लिए ‘कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 2026’ का प्रारूप तैयार कर लिया है। नए नियमों के तहत अब किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र (साउंड सिस्टम) का उपयोग करने से पहले जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस कमिश्नर या अधिकृत सक्षम प्राधिकारी से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
नियमों का उल्लंघन करने पर भारी भरकम जुर्माना, एक वर्ष तक की जेल और उपकरण जब्त कर नीलाम करने का कड़ा प्रावधान किया गया है। गृह एवं पुलिस विभाग ने इस विधेयक के ड्राफ्ट पर आम जनता, विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से 5 अक्टूबर 2026 तक सुझाव, दावे और आपत्तियां आमंत्रित की हैं।
साइलेंट जोन: 100 मीटर के दायरे में लाउडस्पीकर पर पूरी तरह रोक :
अधिनियम के ड्राफ्ट में ‘शांत क्षेत्र’ (साइलेंट जोन) को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है:
- दायरा: अस्पताल, नर्सिंग होम, शिक्षण संस्थान, छात्रावास, न्यायालय, तथा केंद्र/राज्य सरकार व स्थानीय निकायों के कार्यालयों की 100 मीटर की परिधि शांत क्षेत्र होगी।
- विशेष अधिकार: जिला मजिस्ट्रेट या पुलिस आयुक्त लोक व्यवस्था के आधार पर अन्य क्षेत्रों को भी ‘शांत क्षेत्र’ अधिसूचित कर सकेंगे।
- समय निर्धारण: सुबह 6:00 बजे से रात 10:00 बजे तक ‘दिन का समय’ और रात 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक ‘रात्रि का समय’ माना गया है।
नियम तोड़ा तो नपेंगे : जुर्माने और जेल का प्रावधान :
ड्राफ्ट में सामान्य और शांत क्षेत्रों के लिए कड़े दंड तय किए गए हैं :
| अपराध | सामान्य क्षेत्र में दंड | शांत क्षेत्र (साइलेंट जोन) में दंड |
| पहली बार उल्लंघन | कुछ माह की जेल या न्यूनतम ₹50,000 जुर्माना (या दोनों) | 1 वर्ष तक की जेल और न्यूनतम ₹75,000 जुर्माना |
| दोबारा उल्लंघन | 3 माह से 1 वर्ष की जेल और न्यूनतम ₹1,00,000 जुर्माना | 6 माह से 2 वर्ष की जेल और न्यूनतम ₹1,50,000 जुर्माना |
नोट: अपराध दोहराने की स्थिति में साउंड सिस्टम सप्लायर का व्यावसायिक पंजीयन स्थायी रूप से रद्द कर दिया जाएगा और उपकरण जब्त कर नीलाम किए जाएंगे।
डीजे और साउंड सिस्टम संचालकों के लिए कड़े नियम
- अनिवार्य पंजीयन व पुलिस सत्यापन: ध्वनि विस्तारक यंत्रों के निर्माण, बिक्री या किराए पर संचालन करने वाले सभी ऑपरेटरों को स्थानीय पुलिस सत्यापन के बाद विनिर्दिष्ट कार्यालय में पंजीकरण कराना होगा।
- साउंड मीटर के बिना नो-रेंटल: सप्लायर बिना वैध प्रशासनिक अनुमति पत्र और बिना ‘साउंड मीटर’ (ध्वनि तीव्रता मापक यंत्र) के किसी भी व्यक्ति या संस्था को साउंड सिस्टम किराए पर नहीं दे सकेंगे।
- सार्वजनिक स्थलों पर पूर्ण पाबंदी: बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति के किसी भी सार्वजनिक स्थान पर ध्वनि प्रवर्धन यंत्र बजाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
रैली, जुलूस और उत्सवों के लिए शर्तें
- दिन में अधिकतम 6 घंटे: विशेष रैलियों, सामाजिक कार्यक्रमों या धार्मिक उत्सवों के लिए सक्षम प्राधिकारी दिन के समय अधिकतम 6 घंटे के लिए ही ध्वनि विस्तारक यंत्र बजाने की छूट दे सकेंगे।
- साल में केवल 15 दिन रियायत: पूरे कैलेंडर वर्ष में अधिकतम 15 दिनों के लिए रात 12:00 बजे (मध्यरात्रि) तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की अनुमति मिल सकेगी।
- शांत क्षेत्रों में शून्य छूट: साइलेंट जोन में किसी भी उत्सव या कार्यक्रम के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी।



