रायपुर : असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार अभियान के दौरान अपने काफिले पर हुए कथित पथराव को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं असम कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने पुलिस-प्रशासन और चुनाव व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी सुरक्षा चूक के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की गई है।
श्री बघेल ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि दौरे के समय कांग्रेस नेता निरंतर एडिशनल एसपी के संपर्क में थे। उच्च पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा का पूरा आश्वासन मिलने के बाद ही काफिला निर्धारित चुनावी कार्यक्रमों के लिए आगे बढ़ा था। इसके बावजूद थोड़ी ही दूरी तय करने के पश्चात उपद्रवियों ने काफिले की दो गाड़ियों को निशाना बनाते हुए उन पर पथराव कर दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री के अनुसार, यह उपद्रव केवल जाते वक्त ही नहीं हुआ, बल्कि वापसी के दौरान भी इसी प्रकार की पथराव की घटना दोबारा दोहराई गई। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले से पुलिस-प्रशासन को तत्काल अवगत कराया गया और कांग्रेस के नेताओं ने स्वयं पुलिस अधीक्षक (एसपी) से मुलाकात की। इसके साथ ही जिलाधिकारी (कलेक्टर) को भी पूरे घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी दी गई और निष्पक्ष कार्यवाही की मांग की गई।
भूपेश बघेल ने गहरा असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी गंभीर घटना के बाद भी उन्हें अपेक्षित सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई। उन्होंने स्थानीय तंत्र और चुनाव तंत्र की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन, चुनाव आयोग और जिला प्रशासन कुल मिलाकर भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की तरह कार्य कर रहे हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि जब पूरी व्यवस्था ही पक्षपातपूर्ण हो जाए, तब ऐसी स्थिति में किसी से भी न्याय या विधिसम्मत कार्यवाही की उम्मीद नहीं की जा सकती।



