फरसगांव : छत्तीसगढ़ के फरसगांव स्थित ग्राम आलोर-झाटीबन की पहाड़ी गुफा में विराजमान मां लिंगेश्वरी के वार्षिक दर्शन को लेकर श्रद्धालुओं में अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। साल में केवल एक दिन खुलने वाले इस प्रसिद्ध गुफा मंदिर के कपाट बुधवार, 23 सितंबर को पूरे विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे। माता के दर्शन की तीव्र अभिलाषा के चलते निर्धारित समय से तीन दिन पहले ही मंदिर परिसर में भक्तों का भारी जमावड़ा लगना शुरू हो गया है।
मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार से लगभग एक किलोमीटर लंबी कतार लग चुकी है। सुदूर अंचलों से आए श्रद्धालु जमीन पर चटाई बिछाकर धैर्यपूर्वक कपाट खुलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। दर्शन का समय निकट आते ही भीड़ निरंतर बढ़ती जा रही है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग, बालोद, चारामा, कोंडागांव, बस्तर, केशकाल, सिहावा, रायपुर, कुरूद, कोयलीबेड़ा और भानपुरी के अलावा उत्तर प्रदेश, झारखंड, हरियाणा और मुंबई जैसे राज्यों से भी बड़ी तादाद में लोग पहुंचे हैं। भक्तों का कहना है कि वे कपाट खुलते ही सबसे पहले मां के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करना चाहते हैं।
मां लिंगेश्वरी धाम के प्रति भक्तों की गहरी आस्था है। खासकर संतान सुख की कामना लेकर प्रतिवर्ष सैकड़ों दंपती यहां पहुंचते हैं। इस बार भी उत्तर प्रदेश के सीतापुर निवासी बालक राम राज, हरियाणा से आए हरपाल सिंह और मुंबई के श्रीकांत चौधरी अपनी पत्नियों के साथ पहली बार माता के दरबार पहुंचे हैं। इन सभी श्रद्धालुओं ने बताया कि वे मां से संतान प्राप्ति की विशेष मनोकामना लेकर पहुंचे हैं और उन्हें माता की कृपा पर पूर्ण विश्वास है।
लाखों की संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति और जिला प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। बुधवार तड़के पुजारियों द्वारा पारंपरिक पूजा-अर्चना के उपरांत आम दर्शन प्रारंभ किए जाएंगे। सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील मार्गों और मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग, सचल स्वास्थ्य सुविधाएं, पेयजल और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से विशाल भंडारे का आयोजन सुनिश्चित किया गया है।



