मजदूरी मांगने पर पेंटर से मारपीट, तत्कालीन छात्रावास अधीक्षक नोहर सिंह धुर्वे पर गंभीर आरोप।

पेंड्रा/गौरेला: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही क्षेत्र में अपनी मेहनत की बकाया मजदूरी मांगना एक गरीब पेंटर को भारी पड़ गया। पीड़ित पेंटर ने तत्कालीन छात्रावास अधीक्षक एवं शिक्षक नोहर सिंह धुर्वे पर गाली-गलौज करने और पास में रखी वस्तु से जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से लहूलुहान करने का संगीन आरोप लगाया है। घटना के तुरंत बाद पीड़ित अपने परिजनों के साथ गौरेला थाने पहुंचा और न्याय की गुहार लगाते हुए लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित की शारीरिक स्थिति और चोटों को देखते हुए पुलिस ने तत्काल मुलाहिजा फार्म भरकर उसे उपचार एवं डॉक्टरी परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा।

एक साल से लंबित था मेहनताना :

पीड़ित के अनुसार, उसने करीब एक वर्ष पूर्व अधियारखोह स्थित शासकीय छात्रावास में पुताई का कार्य किया था। यह कार्य तत्कालीन छात्रावास अधीक्षक नोहर सिंह धुर्वे के मौखिक आदेश और देखरेख में पूरा किया गया था। आरोप है कि तय समय पर काम पूरा हो जाने के बावजूद शिक्षक द्वारा उसे अब तक मेहनताने का भुगतान नहीं किया गया था। पीड़ित लंबे समय से अपने हक के पैसों के लिए चक्कर काट रहा था।

दुकान के पास विवाद और हमला :

मंगलवार की शाम पीड़ित अधियारखोह तिराहे पर स्थित एक किराने की दुकान के समीप मौजूद था। उसी दौरान नोहर सिंह धुर्वे भी वहां पहुंचा। पेंटर ने जब विनम्रतापूर्वक अपने पुराने काम का मेहनताना मांगा, तो शिक्षक कथित तौर पर आक्रोशित हो गया। उसने पेंटर को गंदी गालियां दीं और विवाद बढ़ाते हुए पास में रखी कुर्सी उठाकर उस पर जोरदार हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में पीड़ित के सिर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।

जांच में जुटी पुलिस, पूर्व में भी रहा है विवादों से नाता :

घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने गौरेला थाने पहुंचकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्यवाही करने की मांग की। पुलिस ने पीड़ित का चिकित्सकीय परीक्षण कराया है और उसका कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट व जांच के आधार पर मामले में आगे की आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, आरोपी शिक्षक के खिलाफ पूर्व में भी पदीय दायित्वों में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबन की कार्यवाही की जा चुकी है। हालांकि, इस ताजा वारदात और पुरानी प्रशासनिक कार्यवाही के संबंध में पुलिस तथा संबंधित शिक्षा विभाग की अंतिम आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।