प्रतिबंधित अल्प्राजोलम टैबलेट्स और हथियारों के साथ अमन साहू और मयंक यादव सहित 6 आरोपी तस्कर गिरफ्तार, एक नाबालिग भी निरूद्ध।

दुर्ग/भिलाई : दुर्ग जिले के संवेदनशील सुपेला थाना क्षेत्र में पुलिस प्रशासन ने नशे के अवैध कारोबार और आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ एक व्यापक और सुनियोजित कार्यवाही को अंजाम देते हुए एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है। क्षेत्र में लंबे समय से युवाओं और छात्रों को नशीली दवाओं के जाल में धकेलने वाले इस गिरोह के खिलाफ चलाए गए इस गुप्त अभियान में पुलिस ने 6 मुख्य आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि से संघर्षरत बालक (नाबालिग) को संरक्षण में लिया गया है।

मुखबिर तंत्र और घेराबंदी का पूरा घटनाक्रम:

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में अपराध एवं नशीले पदार्थों की रोकथाम हेतु विशेष टीम गठित कर निगरानी रखी जा रही थी। अटल आवास तथा आशाराम बापू आश्रम मैदान के निकटवर्ती सुनसान और सार्वजनिक क्षेत्रों में नशीली दवाओं की अनधिकृत खरीद-फरोख्त की पुख्ता सूचना पुलिस को मिली थी। सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस बल ने रणनीति के तहत पूरे इलाके की घेराबंदी की। पुलिस को अपनी ओर आते देख आरोपियों ने भागने का भरसक प्रयास किया और प्रारंभिक पूछताछ में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से सिरे से इंकार कर दिया। हालांकि, पुलिस की कड़ी पूछताछ और मौके पर की गई विधिवत तलाशी के आगे उनकी चालाकी नहीं चल सकी।

प्रतिबंधित गोलियों और हथियारों की बरामदगी:

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) भोजराज अग्रवाल ने मामले का विवरण देते हुए बताया कि आरोपियों की सघन तलाशी लेने पर उनके कब्जे से 0.5 मिलीग्राम की कुल 1,200 नग प्रतिबंधित अल्प्राजोलम (Alprazolam) टैबलेट बरामद की गईं। इसके अतिरिक्त गिरोह के संचालन व ग्राहकों से संपर्क साधने में प्रयुक्त 8 मोबाइल फोन, मादक पदार्थों की बिक्री से अर्जित 1,400 रुपये नकद और सनसनीखेज तौर पर 2 एयर गन भी जब्त की गई हैं। जब्त की गई समस्त सामग्री और नशीली गोलियों का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 99,000 रुपये आंका गया है।

दहशत कायम करने के लिए एयर गन का इस्तेमाल: जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि आरोपी सार्वजनिक स्थानों और बस्तियों में युवाओं को लक्षित कर नशीली गोलियां बेचकर अवैध मुनाफा कमा रहे थे। इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर अपना वर्चस्व बनाए रखने, ग्राहकों पर धौंस जमाने और टकराव की स्थिति में भय पैदा करने के उद्देश्य से आरोपी अपने पास एयर गन रखते थे। पुलिस प्रशासन बरामद एयर गनों के तकनीकी पहलुओं और उनकी मारक क्षमता की गहनता से जांच करवा रहा है, जिसके आधार पर आर्म्स एक्ट के संदर्भ में पृथक से वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

कड़ी कानूनी धाराओं में मामला दर्ज :

सुपेला थाना पुलिस ने सभी आरोपियों के विरुद्ध स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम (NDPS Act) की धारा 8(c) और धारा 22 के तहत गैर-जमानती अपराध पंजीबद्ध कर लिया है। पुलिस अब इस बात की कड़ियां जोड़ रही है कि प्रतिबंधित दवाओं की इतनी बड़ी खेप इन तक किस माध्यम या सप्लायर के जरिए पहुंचाई गई थी।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण : पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 6 आरोपियों की पहचान निम्नलिखित रूप में हुई है:

  1. साहिल शेख
  2. योगेश कुमार साहू
  3. अमन साहू
  4. मयंक यादव
  5. जानी यादव
  6. समीर ठाकुर

पकड़े गए नाबालिग को बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत कर वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई है, जबकि शेष सभी 6 बालिग आरोपियों को सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध नशा कारोबारियों के विरुद्ध यह सख्त दंडात्मक कार्यवाही आगे भी निरंतर जारी रहेगी।