नशीली दवाओं के खिलाफ आबकारी विभाग की बड़ी कार्यवाही, 6 लाख की दवायें जब्त, एक गिरफ्तार, मुख्य सरगना की तलाश तेज।

सीतापुर : छत्तीसगढ़ के सीतापुर में नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ आबकारी विभाग की संभागीय उड़नदस्ता टीम ने बड़ी कार्यवाही की है। ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत टीम ने तपेश्वरी गोड़ा मैदान से एक युवक को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 6 लाख रुपये मूल्य के 14,144 स्पास्मो प्रॉक्सिवन प्लस कैप्सूल, 880 नाइट्रोसम टैबलेट, 1,110 एलप्रास टैबलेट और 20 ओनरेक्स कफ सिरप बरामद किए हैं। गिरफ्तार युवक की पहचान संजय विश्वकर्मा के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने कथित तौर पर अनमोल गुप्ता के लिए काम करने की बात कही है। आबकारी विभाग अब मुख्य आरोपी की तलाश में जुटा हुआ है।

गश्त के दौरान संदिग्ध युवक पर पड़ी नजर :

आबकारी विभाग की संभागीय उड़नदस्ता टीम सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता के नेतृत्व में सीतापुर क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान टीम को तपेश्वरी गोड़ा मैदान में सफेद रंग की प्लास्टिक बोरी लिए एक संदिग्ध युवक दिखाई दिया। टीम को अपनी ओर आता देखकर युवक भागने लगा। इस पर आबकारी कर्मियों ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया और बोरी को कब्जे में ले लिया। पूछताछ में युवक ने अपना नाम संजय विश्वकर्मा बताया।

बोरे से मिला नशीली दवाओं का जखीरा :

बोरी की तलाशी लेने पर उसमें बड़ी मात्रा में नशीले कैप्सूल, टैबलेट और कफ सिरप बरामद हुए। आबकारी विभाग के अनुसार जब्त सामग्री का विवरण:

  • स्पास्मो प्रॉक्सिवन प्लस कैप्सूल: 14,144 नग
  • नाइट्रोसम 10 एमजी टैबलेट: 880 नग
  • एलप्रास टैबलेट: 1,110 नग
  • ओनरेक्स कफ सिरप: 20 नग

विभाग के मुताबिक जब्त नशीली दवाओं का बाजार मूल्य करीब 6 लाख रुपये है। इस कार्यवाही के बाद टीम ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया।

झारखंड के गढ़वा से माल लाने का दावा :

पूछताछ के दौरान संजय विश्वकर्मा ने बताया कि वह अनमोल गुप्ता के लिए काम करता है और पहले भी उसके कहने पर खेप ला चुका है। आरोपी के मुताबिक बरामद नशीली दवाएं वह अनमोल गुप्ता के लिए झारखंड के गढ़वा से लेकर आया था। आबकारी विभाग ने मामले के मुख्य आरोपी अनमोल गुप्ता के संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आया। विभाग के अनुसार कार्यवाही की भनक लगते ही वह फरार हो गया।

सोशल मीडिया ग्रुप और कोडवर्ड से नेटवर्क संचालन :

क्षेत्र में लंबे समय से नशीली दवाओं के अवैध कारोबार की शिकायतें मिल रही थीं। आरोप है कि इस नेटवर्क के जरिए नशीले कैप्सूल, टैबलेट और कफ सिरप युवाओं तक पहुंचाए जा रहे थे। सोशल मीडिया ग्रुप और कोडवर्ड के जरिए ग्राहकों को दवाएं सप्लाई की जा रही थीं। मोबाईल के जरिए आसानी से नशीली सामग्री उपलब्ध होने से युवा और नाबालिग इसकी चपेट में आ रहे थे। हालांकि नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की विस्तृत भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज :

आबकारी विभाग ने आरोपी संजय विश्वकर्मा के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(b) और 22(c) के तहत अपराध दर्ज किया है। विभाग उसे रिमांड पर लेकर आगे की कार्यवाही कर रहा है। इस कार्यवाही में आबकारी आरक्षक श्यामसुंदर सिंह, दीपक पांडेय तथा नगर सैनिक गणेश पांडेय, रणविजय सिंह और रोहित सोनवानी शामिल रहे।

मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी पर उठ रहे सवाल :

इस कार्यवाही के बाद अब मुख्य सरगना अनमोल गुप्ता की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा था। ऐसे में गिरोह की पूरी कड़ियों को तोड़ने और मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाने की चुनौती बनी हुई है।

क्या बोले सहायक जिला आबकारी अधिकारी?

  • सहायक जिला आबकारी अधिकारी रंजीत गुप्ता ने बताया कि सूखे नशे के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत यह एक बड़ी सफलता है। सीतापुर क्षेत्र से लगातार नशीली दवाओं के कारोबार की शिकायतें मिल रही थीं। इस कार्यवाही के दौरान भारी मात्रा में कैप्सूल, टैबलेट और कफ सिरप जब्त किए गए हैं तथा फरार आरोपी की तलाश जारी है।