त्यौहारी सीजन पर खाद्य विभाग का बड़ा एक्शन : मिठाइयों में मिले कीड़े, तीन नामी दुकानें सील; 1500 किलो दूषित स्टॉक नष्ट करने की कड़ी कार्यवाही।

रायपुर : त्यौहारी सीजन के मद्देनजर राजधानी रायपुर में खाद्य माफिया और मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिये खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की सक्रियता अचानक काफी बढ़ गई है। शहर के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्र में विभाग द्वारा की गई सघन छापामार कार्यवाही से हड़कंप मच गया है। विभागीय अमले ने जब मिष्ठान भंडारों का औचक निरीक्षण किया, तो वहां तैयार मिठाइयों में जिंदा कीड़े रेंगते मिले और भंडारण कक्ष (स्टोरेज) अत्यंत बदबूदार व अस्वच्छ पाया गया। जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ के इस संगीन मामले में त्वरित संज्ञान लेते हुए जय अंबे स्वीट्स, जनता स्वीट्स और स्वीट हार्ट को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है।

मौके पर पहुंचे नियंत्रक, भारी मात्रा में सड़ी-गली मिठाइयां बरामद :

खाद्य विभाग नियंत्रक दीपक अग्रवाल की सीधी मौजूदगी और अगुवाई में मिठाई दुकानों पर यह कठोर कार्यवाही की गई। निरीक्षण दल ने पाया कि मिठाइयां तैयार करने में स्वच्छता के न्यूनतम मानकों का भी पालन नहीं हो रहा था। अधिकारियों ने बिना कोई ढिलाई बरते तत्काल इन सभी दुकानों के काउंटर बंद करवाये और ग्राहकों की आवाजाही पर रोक लगा दी। जय अंबे स्वीट्स, जनता स्वीट्स और स्वीट हार्ट पर गिरी गाज; नियंत्रक दीपक अग्रवाल के नेतृत्व में ताबड़तोड़ छापा मारा, मानकों की अनदेखी पर लाइसेंस निरस्त किया जायेगा।

मिलावट की वैज्ञानिक पुष्टि के लिये अलग-अलग प्रकार की मिठाइयों—विशेष रूप से मावा, खोवा और छेना आधारित उत्पादों—के अनेक सैंपल जांच के लिये जब्त किये गए हैं। यही नहीं, इन मिठाई दुकानों से लगभग 500-500 किलो (कुल 1500 किलोग्राम से अधिक) बासी और कीड़े लगी मिठाइयों को जनहित में नष्टीकरण के लिये अपने कब्जे में ले लिया गया है। उपस्थित अधिकारियों ने कड़े शब्दों में स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के गंभीर उल्लंघन के तहत इन दुकानों का लाइसेंस निरस्त किया जायेगा। फ़िलहाल, आगामी प्रशासनिक आदेश जारी होने तक इन दुकानों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, दर्ज होगा मुकद्दमा – दीपक अग्रवाल

इस पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए नियंत्रक दीपक अग्रवाल ने बताया :

“आज मैं स्वयं अपनी टीम के साथ जमीनी निरीक्षण पर निकला था। शहर के चार अलग-अलग संस्थानों में सघन जांच और कार्यवाही हुई है, जिसके बाद संबंधित दुकानों को बंद कराया गया है। कारखानों में बहुत ही अनहाइजीनिक और अमानवीय स्थिति में रखी मिठाइयों को नष्ट करने का सख्त निर्देश दिया गया है। साथ ही रासायनिक परीक्षण और प्रयोगशाला जांच के लिये सैंपल एकत्र कर लिये गए हैं। जनसुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिये आगामी आदेशों तक इन दुकानों को सीलबंद रखा जायेगा।”

पूरे क्षेत्र में निगरानी तेज, प्रशासन की नागरिकों से अपील :

विभागीय अधिकारियों के अनुसार त्यौहारी मांग की आड़ में नकली मावा और दूषित सामग्री खपाने की कोशिश करने वालों पर अब कानूनी मुकद्दमा भी चलाया जायेगा। शहर के हर व्यस्त बाजार और ग्रामीण क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना जुटाने के लिये विशेष टीमें तैनात कर दी गई हैं। प्रशासन ने शहरवासियों से आग्रह किया है कि वे एक जागरूक नागरिक का दायित्व निभायें और कहीं भी अमानक या बासी खाद्य सामग्री की बिक्री दिखे तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को दें, ताकि समय रहते कठोर दंडात्मक कदम उठाये जा सकें। आने वाले दिनों में यह जांच अभियान रायपुर के कोने-कोने में और अधिक तेज किया जायेगा।