डोंगरगढ़ में शारदीय नवरात्र मेले का निर्विघ्न समापन, राजनांदगांव पुलिस ने मां बम्लेश्वरी के चरणों में की विशेष पूजा-अर्चना, शून्य दुर्घटना और अभेद्य सुरक्षा का बनाया कीर्तिमान।

राजनांदगांव : छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध तीर्थस्थल डोंगरगढ़ में आयोजित नौ दिवसीय शारदीय नवरात्र मेले को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न कराने के बाद राजनांदगांव जिला पुलिस बल ने पूर्ण कृतज्ञता के साथ मां बम्लेश्वरी के दरबार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। सोमवार को पुलिस अधिकारियों और जवानों ने मंदिर प्रांगण में विशेष पूजा-अर्चना एवं भव्य आरती कर पूरे क्षेत्र तथा प्रदेश के नागरिकों की सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य की कामना की। इस दौरान पुलिस बैंड द्वारा प्रस्तुत की गई भक्तिमय स्वर लहरियों ने पूरे मंदिर परिसर को श्रद्धा और उल्लास से सराबोर कर दिया।

भक्ति और अनुशासन का अनूठा संगम :

नवरात्र पर्व के दौरान लगातार नौ दिनों तक रात-दिन की कठिन ड्यूटी और सुरक्षा की चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करने के पश्चात पुलिस परिवार ने मां बम्लेश्वरी के चरणों में शीश नवाया। पुलिस बैंड की भक्तिमय धुनों के बीच वरिष्ठ अधिकारियों सहित समस्त पुलिस जवानों ने पूर्ण विधि-विधान से महाआरती की। अधिकारियों ने कहा कि मां के आशीर्वाद और आम जनता के सहयोग से ही इस विशाल मेले को बिना किसी अप्रिय घटना के पूर्ण कराया जा सका है। यह आयोजन पुलिस के कठोर अनुशासन और जन-आस्था के प्रति उसके गहरे सम्मान का अनुपम उदाहरण बनकर उभरा।

अपराध और दुर्घटना मुक्त रहा नौ दिवसीय मेला :

प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं और पदयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये राजनांदगांव पुलिस प्रशासन द्वारा अभूतपूर्व रणनीतिक तैयारी की गई थी। मेले के दौरान:

  • शून्य दुर्घटना का ऐतिहासिक रिकॉर्ड: पदयात्रियों के लिये निर्धारित मार्गों पर विशेष प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग और निरंतर मोबाईल पेट्रोलिंग के माध्यम से मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया, जिससे पूरे मेले में कोई भी सड़क दुर्घटना घटित नहीं हुई।
  • अपराध मुक्त वातावरण: सघन जांच अभियानों, तकनीकी निगरानी और त्वरित वैधानिक कार्यवाही के परिणामस्वरूप जेबकतरी, छिनतई अथवा किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना सामने नहीं आई।
  • सुगम दर्शन प्रणाली: वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं एवं दिव्यांगों की सुविधा के लिये पृथक कतारों और छायादार मार्गों का विशेष प्रबंध किया गया, ताकि हर श्रद्धालु को सुलभ दर्शन प्राप्त हो सके।

अंतर-विभागीय समन्वय और रेल्वे का अभूतपूर्व सहयोग :

इस विशाल धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिये जिला प्रशासन, स्थानीय नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग, विद्युत मंडल तथा रेल्वे प्रशासन के मध्य निरंतर तालमेल बना रहा। रेल्वे स्टेशन से लेकर मुख्य मंदिर और ऊपर पहाड़ी मंदिर तक श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन के लिये विशेष लाईन व्यवस्था लागू की गई थी। इसके अतिरिक्त, स्वयंसेवी संगठनों, स्थानीय नागरिकों और सजग मुखबीर तंत्र के सहयोग ने सुरक्षा व्यवस्था को जमीन पर प्रभावी बनाने में अग्रणी भूमिका निभाई।

श्रद्धालुओं एवं सहयोगियों के प्रति आभार और सेवा और सुरक्षा का संकल्प दोहराया :

कर्तव्य के सफल निर्वहन के उपरांत राजनांदगांव पुलिस ने सभी दर्शनार्थियों, पदयात्रियों, मेला समिति के पदाधिकारियों, मीडिया कर्मियों और विभिन्न शासकीय विभागों के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जनसेवा, कानून-व्यवस्था और बड़े धार्मिक आयोजनों के सुव्यवस्थित संचालन के लिये जो मानक इस बार स्थापित किये गये हैं, भविष्य में भी उसी संवेदनशीलता और दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ सुरक्षा का दायित्व निभाया जायेगा। पुलिस बल ने यह संकल्प दोहराया कि समाज में शांति और सौहार्द बनाये रखने के लिये ऐसी सजग कार्यशैली निरंतर आगे भी जारी रखी जायेगी।