LPG गैस सिलेंडरों से हेराफेरी का बड़ा खुलासा, सुनसान मैदान में पकड़ी गई संदिग्ध गाड़ी, चार लोग फरार, सामने आई ये जानकारी….।

डोंगरगढ़ : छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में LPG गैस सिलेंडरों में गैस चोरी और हेराफेरी का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है। शहर से बाहर एक सुनसान मैदान में गैस सिलेंडरों से भरी मालवाहक गाड़ी के पास कुछ लोगों की संदिग्ध गतिविधियां देखे जाने के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन को सूचना दी। मौके पर पहुंचे एसडीएम और फूड इंस्पेक्टर ने जांच की और बाद में मालवाहक वाहन को गैस एजेंसी ले जाकर पंचनामा कार्यवाही की। इस दौरान मौके पर मौजूद चार लोग वहां से फरार हो गए।

मामला शहर में संचालित इंडेन की प्रॉमिनेंट फ्यूल सेंटर गैस एजेंसी से जुड़ा बताया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर लंबे समय से उपभोक्ताओं द्वारा सिलेंडर में कम गैस मिलने की शिकायतें किए जाने की बात सामने आ रही थी। इसी बीच आदर्श नगर और भूरवा टोला के बीच शहर से बाहर स्थित एक मैदान में लोगों ने सिलेंडरों से लदी मालवाहक गाड़ी के आसपास कुछ युवकों को संदिग्ध हालत में देखा।

युवकों से पूछताछ के बाद गहराया शक :

स्थानीय लोगों के अनुसार, जब उन्होंने मौके पर मौजूद युवकों से वहां सिलेंडर लाने और उनकी गतिविधियों के संबंध में पूछताछ की तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। बताया जा रहा है कि इसके बाद युवकों ने अपने कुछ अन्य साथियों को बुलाने की कोशिश की, जिससे स्थानीय लोगों का संदेह और बढ़ गया। लोगों ने मामले की जानकारी तत्काल प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही फूड इंस्पेक्टर और एसडीएम मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लेने के बाद संबंधित मालवाहक वाहन को गैस एजेंसी पहुंचाया, जहां पूरे मामले में पंचनामा कार्यवाही की गई। हालांकि, कार्यवाही के दौरान वहां मौजूद चार संदिग्ध मौके से फरार हो गए।

गैस एजेंसी के वितरण श्रमिकों पर संदेह :

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, संदेह के घेरे में आए लोग गैस एजेंसी में सिलेंडर वितरण का काम करते थे। बताया जा रहा है कि इन श्रमिकों को करीब तीन महीने पहले काम पर रखा गया था और वे राजस्थान के रहने वाले हैं। मामले में यह जानकारी भी सामने आई है कि एजेंसी के जिम्मेदारों को संबंधित श्रमिकों के नाम तक की जानकारी नहीं होने की बात कही जा रही है। यदि जांच में यह तथ्य सही पाया जाता है तो एजेंसी में श्रमिकों की नियुक्ति और उनके सत्यापन की प्रक्रिया पर भी सवाल उठ सकते हैं।

लंबे समय से कम गैस मिलने की शिकायत, अब जांच से खुलेगा राज :

इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि क्या उपभोक्ताओं को वास्तव में लंबे समय से सिलेंडरों में निर्धारित मात्रा से कम गैस मिल रही थी? उपभोक्ताओं की ओर से कम गैस मिलने की शिकायतें किए जाने की बात सामने आई है। कुछ उपभोक्ताओं का कहना है कि शिकायत करने पर उनसे ही गैस की कमी का प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा जाता था। ऐसे में अब प्रशासनिक जांच के जरिए यह पता लगाने की कोशिश होगी कि सिलेंडरों में कथित हेराफेरी की कोई व्यवस्था चल रही थी या नहीं और यदि ऐसा हुआ तो इसकी शुरुआत कब से हुई। साथ ही यह भी जांच का विषय होगा कि इस पूरे मामले में किन-किन लोगों की भूमिका थी।

एजेंसी संचालक ने FIR कराने की कही बात :

गैस एजेंसी के संचालक विवेक वासनिक ने संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की बात कही है। हालांकि, फिलहाल एजेंसी के उच्च पदस्थ जिम्मेदारों की किसी तरह की संलिप्तता को लेकर कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है। जांच पूरी होने के बाद ही इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, मामले को लेकर फूड इंस्पेक्टर से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कैमरे के सामने बयान देने से इंकार कर दिया। उन्होंने इस संबंध में उच्च अधिकारियों से संपर्क करने की बात कही।