सूरजपुर/बिश्रामपुर : छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में घटित रोंगटे खड़े कर देने वाले दोहरे हत्याकांड ने समूचे अंचल को स्तब्ध कर दिया है। बिश्रामपुर के केशवनगर में शासकीय शिक्षिका रजनी बरेठ और उनके 18 वर्षीय सुपुत्र सुजल बरेठ की नृशंस हत्या के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी परवेश कुमार की धर्मपत्नी सरिता लकड़ा ने अपने ही पति के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए न्यायपालिका और शासन-प्रशासन से उसे अविलंब फांसी के फंदे पर लटकाने की पुरजोर मांग की है। बेलटिकरी शासकीय विद्यालय में शिक्षिका के पद पर पदस्थ सरिता लकड़ा ने यह सनसनीखेज दावा किया कि इस वीभत्स वारदात को अंजाम दिये जाने से महज 15 दिन पूर्व उनके पति ने उनकी मर्जी और जानकारी के बिना उनके नाम पर एक करोड़ रुपये का भारी-भरकम जीवन बीमा कराया था।
सरिता लकड़ा ने गंभीर आशंका व्यक्त की है कि मां-बेटे को मौत की नींद सुलाने के बाद आरोपी का अगला खूनी निशाना वही बनने वाली थीं। उनका मानना है कि आरोपी उनकी सुनियोजित हत्या कर बीमा राशि की एक करोड़ की रकम हड़पने और वहां से हमेशा के लिये चंपत होने की फिराक में घूम रहा था। अपनी जान पर मंडराते इस जानलेवा खतरे को देखते हुए उन्होंने पुलिस प्रशासन से चौबीसों घंटे सुरक्षा मुहैया कराने के लिये गुहार लगाई है।
मांग का सिंदूर पोंछकर दरिंदे से तोड़े सारे रिश्ते, अहम् की सनक बनी हत्या का कारण :
आरोपी पति की हैवानियत से स्तब्ध शिक्षिका सरिता लकड़ा ने सार्वजनिक तौर पर कैमरे के सामने रोते हुए आरोपी से वैवाहिक और सामाजिक रूप से सभी नाते समाप्त करने का ऐलान किया और समाज के समक्ष अपनी मांग का सिंदूर पोंछ दिया। सरिता ने नम आंखों से बताया कि जिस रात इस दोहरे कत्ल की पटकथा लिखी गई, उस रात आरोपी पति ने उनसे पेंड्रा जाने का सफेद झूठ बोला था और घर से निकल गया था। इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड की भनक उन्हें तब लगी जब पुलिस की तफ्तीश उनके दरवाजे तक पहुंची।
सरिता के अनुसार, पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपी ने उनसे स्वीकार किया कि उसने अपने झूठे अहम् पर ठेस पहुंचने की वजह से शिक्षिका रजनी बरेठ की गला दबाकर हत्या कर दी, क्योंकि रजनी ने किसी विवाद के दौरान संभवतः उसे नामर्द कहकर ललकारा था। सरिता ने दोनों के मध्य किसी प्रकार के नाजायज संबंधों की आशंका भी जताई है, जिसकी पड़ताल अब पुलिस कर रही है।
व्यापार ठप्प होने से उपजा 20 लाख का कर्ज और वारदात की पृष्ठभूमि :
पुलिस के आधिकारिक अन्वेषण में सामने आया है कि आरोपी परवेश कुमार मूल रूप से हरियाणा राज्य के करनाल जिले का निवासी है और लंबे समय से सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर क्षेत्र में रहकर वाहनों के ऑटो पार्ट्स की आपूर्ति का व्यवसाय कर रहा था। वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान उपजे संकट के चलते उसका ऑटो पार्ट्स का पूरा कारोबार पूरी तरह ठप्प पड़ गया था। व्यापार को उबारने के नाम पर उसने विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों से 20 लाख रुपये का भारी-भरकम ऋण ले रखा था। लगातार बढ़ते आर्थिक संकट और देनदारियों के चलते अंततः उसकी दुकान पर ताला लटक गया। वर्ष 2022 से शिक्षिका सरिता लकड़ा और आरोपी परवेश कुमार पति-पत्नी के तौर पर एक साथ रह रहे थे, किंतु सिर पर लदे कर्ज के बोझ ने आरोपी की मनोवृत्ति को पूरी तरह अपराध की दिशा में मोड़ दिया था।
उधार के रुपयों पर तकरार: केशवनगर के आवास में शिक्षिका की गला घोंटकर हत्या :
पुलिस की कड़ी पूछताछ में यह बात सामने आई कि 9 अक्तूबर को आरोपी परवेश कुमार रुपयों के बंदोबस्त के लिये शिक्षिका रजनी बरेठ के पास पहुंचा था। आरोपी इस तथ्य से भली-भांति वाकिफ था कि रजनी बरेठ को भी हाल ही में बैंक की तरफ से 19 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ था। आर्थिक तंगी से घिरे परवेश ने जब रजनी बरेठ से बड़ी रकम उधार मांगी, तो शिक्षिका ने सीधे तौर पर पैसे देने से इंकार कर दिया। रुपयों की सख्त जरूरत और इंकार से भड़के परवेश कुमार के भीतर छिपे दरिंदे ने बिश्रामपुर के केशवनगर स्थित किराए के मकान में रजनी बरेठ को दबोच लिया और बेरहमी से गला घोंटकर उनकी जान ले ली। रजनी बरेठ विगत पांच वर्षों से अपने पति से अलग होकर अपने इकलौते बेटे के साथ इस मकान में रहकर जीवन-यापन कर रही थीं।
कोचिंग से लौटे 12वीं के छात्र को मैगी खिलाने का झांसा देकर जंगल में मार डाला :
जिस वक्त हत्यारे परवेश ने बंद कमरे में रजनी बरेठ की सांसें छीनी थीं, उस समय उनका 18 वर्षीय मेधावी बेटा सुजल बरेठ कोचिंग में ट्यूशन पढ़ने गया हुआ था। शाम को जब सुजल बेखबर होकर ट्यूशन से घर लौटा, तो आरोपी परवेश कुमार ने चालाकी से उसे अपनी कार में बैठा लिया और बाहर घुमाने का झांसा दिया ताकि वह घर के भीतर मां का शव न देख सके। सुजल को तनिक भी संदेह न हो, इसके लिये आरोपी पहले उसे अपनी गाड़ी में बैठाकर अंबिकापुर ले गया, जहां उसने छात्र को एक दुकान पर मैगी खिलाई।
इसके बाद जब वे बिश्रामपुर लौटने लगे, तो रास्ते में राईं के घने जंगल के सूनसान क्षेत्र में ले जाकर आरोपी ने कार रोक ली। वहां उसने 12वीं कक्षा में अध्ययनरत मासूम सुजल की भी बेरहमी से हत्या कर दी ताकि इस दोहरे हत्याकांड का कोई भी गवाह जिंदा न बच सके।
सड़क किनारे फेंकी गई लाश, बाथरूम का ताला तोड़ते ही सामने आया भयानक मंजर :
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने सुजल के शव को जयनगर थाना क्षेत्र के तहत आने वाले महावीरपुर में नेशनल हाईवे-43 से लगी एक वीरान ग्रामीण सड़क के किनारे झाड़ियों में ठिकाने लगा दिया। 10 अक्तूबर की सुबह जब ग्रामीणों ने सड़क किनारे एक अज्ञात युवक का शव देखा, तो क्षेत्र में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव की शिनाख्त सुजल बरेठ के तौर पर हुई।
इसके तुरंत बाद बिश्रामपुर पुलिस देर रात सुजल के केशवनगर स्थित आवास पर पहुंची। मकान के मुख्य दरवाजे पर बाहर से ताला लगा हुआ था। पुलिस ने परिजनों और रिश्तेदारों की मौजूदगी में जब दरवाजा तोड़कर अंदर तलाशी ली, तो बाथरूम के भीतर शिक्षिका रजनी बरेठ का शव अत्यंत संदिग्ध और वीभत्स अवस्था में मिला।
सीसीटीवी फुटेज से खुला राज, चोरी का सामान और मोबाईल बरामद :
सूरजपुर के पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस टीमों ने सघन पड़ताल करते हुए संदिग्ध गतिविधियों और मुख्य मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिससे परवेश कुमार की संलिप्तता की पुष्टि हुई। पुलिस ने त्वरित रणनीति के तहत घेराबंदी करके आरोपी को अंबिकापुर क्षेत्र से हिरासत में लिया।
कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और उसने दोनों हत्याओं का जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर मृतका रजनी बरेठ से लूटा गया मोबाईल फोन, सोने-चांदी के जेवरात सहित अन्य सामान भी बरामद कर लिया है। पुलिस अधीक्षक ने यह भी स्पष्ट किया कि अब तक की सघन विवेचना में आरोपी की पत्नी सरिता लकड़ा की किसी भी प्रकार की संलिप्तता या भूमिका नहीं पाई गई है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में ठोस मुकद्दमा पेश करने और उसे सख्त से सख्त कानूनी सजा दिलाने के लिये पुख्ता कार्यवाही शुरू कर दी है, जिससे इस जघन्य अपराध के दोषी को कानून के मुताबिक फांसी के तख्ते तक पहुंचाया जा सके।



