होटल में प्रार्थना सभा की सूचना पर पहुंचा बजरंग दल, धर्मांतरण को लेकर खड़ा हुआ बवाल।

कोरबा : छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नगरी कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र स्थित ‘होटल स्टार इन’ में रविवार को उस समय भारी अफरा-तफरी और तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, जब कथित धर्मांतरण और गोपनीय प्रार्थना सभा के आयोजन को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर जबर्दस्त विरोध प्रदर्शन किया। होटल परिसर में प्रार्थना सभा चलने की भनक लगते ही पहुंचे कार्यकर्ताओं और वहां ठहरे लोगों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि नौबत गाली-गलौज और हिंसक मारपीट तक पहुंच गई। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा अपने मोबाईल कैमरों में कैद कर लिया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हंगामे और मारपीट की सूचना मिलते ही नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) प्रतीक चतुर्वेदी भारी पुलिस बल सहित घटनास्थल पर पहुंचे और हालात पर काबू पाया।

गुप्त सूचना पर पहुंचे संगठन के कार्यकर्ता, मारपीट का वीडियो वायरल :

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को होटल स्टार इन में एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया जा रहा था। बजरंग दल को मुखबीर तंत्र से सूचना मिली थी कि होटल के कमरों में बड़ी संख्या में ग्रामीणों को एकत्रित कर प्रार्थना सभा की आड़ में मतांतरण कराने का प्रयास चल रहा है। इस सूचना पर संगठन के कई कार्यकर्ता अचानक होटल पहुंचे और उन्होंने सीधे उन कमरों का रुख किया, जहां लोग मौजूद थे।

कमरों में प्रवेश करते ही दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई, जिसने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया। होटल के कॉरिडोर और कमरों के भीतर दोनों पक्षों में जमकर लात-घूंसे चले। सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो में कुछ लोग एक-दूसरे पर हमला करते और तीखी नोकझोंक करते दिखाई दे रहे हैं।

बजरंग दल के प्रमुख राणा मुखर्जी ने आरोप लगाया कि ईसाई मिशनरियों द्वारा सुनियोजित षड्यंत्र के तहत निर्धन और भोले-भाले ग्रामीणों को प्रलोभन, उपचार तथा आर्थिक सहायता का लालच देकर धर्मांतरण के लिये प्रेरित किया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि मानिकपुर क्षेत्र में स्थित ‘इंडियन प्रेयर चर्च’ (आईपीसी) के माध्यम से इस पूरे मतांतरण नेटवर्क को संचालित किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही करने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक व स्वतंत्र पुष्टि होना अभी शेष है।

जॉन मसीह के नाम पर 15 कमरे बुक, पाली, लाफा व कटघोरा से लाये गये थे लोग :

मामले की जांच में जुटी पुलिस टीम को होटल के रिकॉर्ड्स की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। जानकारी के मुताबिक, होटल के लगभग 15 कमरे जॉन मसीह नामक व्यक्ति के नाम से बुक कराये गये थे। इन कमरों में कटघोरा, पाली तथा लाफा क्षेत्र के ग्रामीण अंचलों से आये लगभग 40 लोगों को ठहराया गया था।

सबसे संवेदनशील बात यह सामने आई है कि वहां ठहरे लोगों में करीब 10 हिंदू परिवारों के सदस्य भी शामिल थे। स्थानीय स्तर पर यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि दूरदराज के क्षेत्रों से लाये गये इन ग्रामीणों को धार्मिक अनुष्ठान के नाम पर भ्रमित किया जा रहा था।

बिना वैध पहचान पत्र (आईडी) कमरा आवंटन पर उठे सवाल :

इस घटनाक्रम के प्रकाश में आने के बाद होटल प्रबंधन की कार्यप्रणाली भी गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है। शासकीय नियमों के अनुसार किसी भी लॉज या होटल में ठहरने वाले प्रत्येक वयस्क नागरिक का वैध पहचान पत्र (आईडी) जमा कराना अनिवार्य होता है, परंतु होटल स्टार इन में ठहरे कई लोगों के पास से कोई वैध पहचान पत्र न होने का आरोप सामने आया है।

जांच अधिकारियों ने होटल के ऑनलाईन व ऑफलाइन बुकिंग रिकॉर्ड्स, गेस्ट रजिस्टर तथा सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। यदि होटल प्रबंधन द्वारा बिना पहचान पत्र के कमरे आवंटित करने की पुष्टि होती है, तो प्रबंधन के खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही की जायेगी।

पुलिस ने संभाला मोर्चा, विधिक कार्यवाही की तैयारी :

हंगामे की सूचना मिलते ही सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे और होटल में उपस्थित लोगों को अलग-अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने होटल में ठहरे सभी व्यक्तियों, आयोजकों तथा होटल स्टाफ के बयान दर्ज किये हैं।

सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि होटल स्टार इन में विवाद और मारपीट की सूचना पर पुलिस ने तत्काल पहुंचकर स्थिति को संभाला। होटल में ठहरे लोगों की पृष्ठभूमि, कमरे बुक कराने के उद्देश्य, पहचान पत्र की स्थिति तथा वायरल वीडियो के आधार पर मारपीट करने वाले असामाजिक तत्वों की पहचान की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आयेंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जायेगी और कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने वाले आरोपियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जायेगा। पुलिस प्रशासन ने सभी नागरिकों से शांति बनाये रखने की अपील की है।