सहारनपुर (उ.प्र.) : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद अंतर्गत गंगोह पुलिस थाना क्षेत्र से सामाजिक सौहार्द को चोट पहुंचाने, छद्म पहचान बनाकर विवाह रचाने और तत्पश्चात जबरन धर्म परिवर्तन कराने का एक अत्यंत गंभीर एवं संवेदनशील मामला सामने आया है। गंगोह क्षेत्र की निवासिनी एक पीड़िता ने पुलिस को दी गई शिकायत में सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि जुनैद नामक युवक ने अपने वास्तविक नाम और धर्म को पूरी तरह छिपाकर, स्वयं को हिंदू गुर्जर समाज का युवक दर्शाया और प्रेमजाल में फंसाकर उससे शादी कर ली। शादी संपन्न हो जाने के बाद जब जुनैद की असलियत पीड़िता के समक्ष उजागर हुई, तब उस पर निरंतर नमाज अदा करने, अपनी धार्मिक आस्था का परित्याग करने और औपचारिक रूप से धर्म परिवर्तन करने के लिये गंभीर मानसिक तथा शारीरिक दबाव बनाया जाने लगा। पीड़िता द्वारा जब इसका विरोध दर्ज कराया गया, तो उसके साथ क्रूरतापूर्वक मारपीट की गई और उसे जान से मारने की खुली धमकी भी दी गई। पीड़िता की विस्तृत शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी जुनैद सहित तीन लोगों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकद्दमा दर्ज कर लिया। तत्पश्चात 23 अक्टूबर को पुलिस टीम ने जुनैद को गिरफ्तार कर लिया और न्यायालय में पेश किया, जहां से न्यायिक हिरासत में उसे जेल भेज दिया गया।
शादी से पहले पहचान छिपाकर छल करने का गंभीर आरोप :
पीड़िता द्वारा 22 अक्टूबर को गंगोह थाने में औपचारिक लिखित तहरीर सौंपी गई थी। इस तहरीर के आधार पर पुलिस ने जुनैद, उसकी रिश्तेदार संजीदा पत्नी इकबाल और इश्तकार पुत्र इकबाल को नामजद आरोपी बनाया है। पीड़िता के कथनानुसार, विवाह से पूर्व आरोपी जुनैद ने स्वयं को हिंदू गुर्जर बिरादरी का सदस्य बताकर विश्वास में लिया था और इसी धोखे की बुनियाद पर वैवाहिक संबंध स्थापित किये गये।
आरोप है कि वैवाहिक बंधन में बंधने के कुछ ही दिनों बाद घर के भीतर धार्मिक रीतियों और आचरण को लेकर गंभीर विवाद खड़ा हो गया। पीड़िता का आरोप है कि उस पर ससुराल पक्ष द्वारा अपनी पूजा पद्धति को त्यागकर नमाज पढ़ने और विधिवत धर्म परिवर्तन करने के लिये लगातार अनुचित दबाव बनाया जाने लगा। यह पूरी घटना छलपूर्वक विवाह और अनैतिक धर्मांतरण के गहरे षड्यंत्र की ओर संकेत करती है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि ये सभी बिंदु वर्तमान में पीड़िता द्वारा दी गई तहरीर पर आधारित हैं और पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से कानूनी जांच जारी है।
नमाज पढ़ने और धर्म बदलने से इंकार पर अमानवीय मारपीट व धमकियां :
तहरीर में पीड़िता ने अत्यंत विचलित करने वाले तथ्य उजागर किये हैं। उसने बताया कि जब उसने अपनी मूल आस्था पर अडिग रहते हुए नमाज पढ़ने और धर्म परिवर्तन की मांग को सिरे से खारिज कर दिया तथा इसके लिये पूर्ण रूप से इंकार कर दिया, तो उसके साथ ससुराल में बेरहमी से मारपीट की गई। विरोध करने पर उसे और उसके परिजनों को गंभीर परिणाम भुगतने तथा जान से मार डालने की धमकियां तक दी गईं।
गंभीर प्रताड़ना से त्रस्त होकर पीड़िता ने गंगोह थाने पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई। प्रार्थना पत्र प्राप्त होते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और पूरे घटनाक्रम की जांच तथा अभियुक्तों की धरपकड़ के लिये सघन कानूनी कार्यवाही प्रारंभ की गई। पुलिस ने जुनैद के अतिरिक्त संजीदा और इश्तकार को भी मुकद्दमे में नामजद किया है। मामले में इन दोनों सह-आरोपियों की संलिप्तता की गहन जांच की जा रही है और उनके विरुद्ध आगामी कार्यवाही के संबंध में जांच अधिकारी साक्ष्य जुटाने में लगे हैं।
भारतीय न्याय संहिता और धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के तहत मुकद्दमा संख्या 481/2026 दर्ज :
महिला उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए सहारनपुर पुलिस ने इस मामले में मुकद्दमा संख्या 481/2026 पंजीकृत किया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इसमें नवीन आपराधिक कानूनों का समावेश किया गया है:
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2): स्वेच्छा से चोट पहुंचाने और शारीरिक हिंसा कारित करने के संबंध में।
- भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 351(2): आपराधिक धमकी देने और भय का माहौल उत्पन्न करने के संबंध में।
- उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3/5(1): छल-कपट, प्रलोभन, दबाव अथवा पहचान छिपाकर विवाह के माध्यम से धर्म संपरिवर्तन कराने के विरुद्ध कठोर दंडात्मक प्रावधान।
प्राथमिकी में पहचान छिपाकर छलपूर्वक विवाह रचाने, जबरन धर्मांतरण का निरंतर दबाव बनाने, शारीरिक यातनाएं देने तथा जान से मारने की धमकी देने से जुड़े सभी गंभीर आरोप शामिल किये गये हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विधि के अनुसार निष्पक्ष विवेचना संपादित की जायेगी और वैज्ञानिक तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के अंतर्गत की जायेगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े निर्देश, विशेष टीम ने बिछाया जाल :
मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को भांपते हुए सहारनपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश निर्गत किये। इसके उपरांत पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के कुशल निर्देशन, क्षेत्राधिकारी गंगोह के प्रभावी पर्यवेक्षण तथा गंगोह थाना प्रभारी के कुशल नेतृत्व में पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई।
गठित टीम ने आरोपियों की खोजबीन के लिये अपने तकनीकी सर्विलांस और मुखबीर तंत्र को पूर्णतः सक्रिय किया। पुलिस को तलाश के दौरान एक विश्वसनीय मुखबीर से पुख्ता सूचना प्राप्त हुई कि मुख्य नामजद आरोपी जुनैद गांव खैरसाल में मौजूद है और वहां से भागने की फिराक में है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए 23 अक्टूबर को ग्राम खैरसाल में दबिश दी। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी करते हुए आरोपी जुनैद को सफलतापूर्वक दबोच लिया। गिरफ्तारी के उपरांत वैधानिक प्रावधानों का पालन करते हुए उससे सघन पूछताछ की गई।
खैरसाल गांव से पकड़ा गया जुनैद, न्यायालय ने भेजा कारागार :
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान जुनैद पुत्र इकबाल, निवासी ग्राम खैरसाल, थाना गंगोह, जनपद सहारनपुर के रूप में सुनिश्चित की गई है। 23 अक्टूबर को गिरफ्तारी के पश्चात पुलिस ने आवश्यक विधिक प्रपत्र तैयार कर अभियुक्त को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया। न्यायालय ने अपराध की गंभीरता और पत्रावली पर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आरोपी जुनैद को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने का आदेश पारित किया।
पीड़िता की शिकायत के उपरांत प्रारंभ हुई इस त्वरित पुलिसिया कार्यवाही में मुख्य अभियुक्त की गिरफ्तारी तो सुनिश्चित हो चुकी है, परंतु मुकद्दमे में नामजद संजीदा और इश्तकार की भूमिका और उनके विरुद्ध आगे की जाने वाली विधिक कार्यवाही के विषय में विस्तृत रिपोर्ट साक्ष्य संकलन के पश्चात ही स्पष्ट हो सकेगी।
संबंधित घटनाक्रम : मेरठ में भी सामने आया था ऐसा ही मामला :
उल्लेखनीय है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों से इस प्रकार के कपटपूर्ण विवाह और जबरन धर्मांतरण के प्रकरण पूर्व में भी प्रकाश में आते रहे हैं। विगत दिनों मेरठ में भी एक ऐसा ही मामला चर्चा में आया था, जहां धर्म परिवर्तन, निकाह और उसके पश्चात वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का घिनौना आरोप लगा था। वहां पीड़िता ने अपने पति जाकिर पर गंभीर अनैतिक दबाव बनाने और प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अब ऐसे अपराधों पर अत्यधिक सख्ती बरत रहे हैं।
अभियुक्त जुनैद का पुराना आपराधिक इतिहास, पहले भी लग चुका है गैंगस्टर एक्ट :
पुलिस द्वारा अभियुक्त की पृष्ठभूमि खंगालने पर यह स्पष्ट हुआ कि जुनैद कोई सामान्य नागरिक नहीं बल्कि आदतन आपराधिक पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार:
- वर्ष 2024 में जनपद सहारनपुर के नकुड़ थाने में जुनैद के विरुद्ध दो पृथक आपराधिक मुकद्दमे पंजीकृत हुए थे।
- वर्ष 2025 में उसकी आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा उसके विरुद्ध कड़े गैंगस्टर एक्ट के अंतर्गत भी दंडात्मक कार्यवाही अमल में लाई गई थी।
आरोपी का यह पुराना आपराधिक रिकॉर्ड दर्शाता है कि वह निरंतर कानून-व्यवस्था की अवहेलना करता रहा है। वर्तमान मामले में भी पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मुकद्दमा दर्ज कर उसे तत्काल प्रभाव से गिरफ्तार कर जेल भेजने का कार्य किया है। न्यायालय में अब इस मामले के सभी साक्ष्य प्रस्तुत किये जायेंगे, जहां साक्ष्यों और गवाहों के परीक्षण के पश्चात अंतिम न्यायिक फैसला सुनाया जायेगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच पूरी की जायेगी और दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जायेगा।



