रायपुर में स्मृति इरानी के कड़े तेवर: ठाकरे परिसर में भीड़ देख जताई नाराजगी; कहा- ‘पार्टी में कोई मैडम नहीं’, सब बहन-बेटियां।

रायपुर : भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रभारी स्मृति इरानी के रायपुर प्रवास के पहले ही दिन पार्टी कार्यालय ‘कुशाभाऊ ठाकरे परिसर’ में उनके सख्त तेवर देखने को मिले। कार्यालय पहुंचते ही भारी संख्या में मौजूद पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भीड़ देखकर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यहाँ इतनी भीड़ जुटाने का क्या मतलब है। इसके साथ ही उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिये कि भविष्य में केवल उन्हीं लोगों को परिसर में बुलाया जाये, जिनकी उस समय बैठक निर्धारित हो।

भीड़ देखकर जताई नाराजगी, कार्यकर्ताओं से कहा- बूथ लौटें :

विमानतल से जब वह ठाकरे परिसर पहुंचीं, तो वहां बड़ी संख्या में उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को देखकर उन्होंने सवाल उठाया कि इतने लोगों को यहां क्यों और किसलिये बुलाया गया है। उन्होंने सभी से दो-टूक कहा कि सभी अपने-अपने बूथ में जायें, यहां बेवजह किसी को भी रहने की जरूरत नहीं है। इस दौरान जब एक महिला नेत्री ने उनके साथ सेल्फी लेने का प्रयास किया, तो उन्होंने उससे भी साफ इंकार कर दिया।

‘पार्टी में मैडम शब्द का उपयोग न हो’ :

प्रदेश प्रभारी स्मृति इरानी ने रायपुर प्रवास के पहले दिन सुबह से लेकर शाम तक लगातार बैठकें लीं। सभी बैठकों में जहां उन्होंने संगठन को लेकर विस्तार से चर्चा की, वहीं पार्टी की रीति-नीति पर भी अपनी बात रखी। इस दौरान पदाधिकारियों को यह निर्देश भी स्पष्ट रूप से दिया गया कि पार्टी में ‘मैडम’ शब्द का उपयोग बिल्कुल नहीं होना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि देश में एक ही मैडम हैं, वो हैं सोनिया गांधी।

(उल्लेखनीय है कि ‘मैडम’ (Madam) अंग्रेजी भाषा का शब्द है, जो मूल रूप से फ्रेंच भाषा के ‘मादाम’ (Madame) से आया है। यह फ्रेंच के दो शब्दों ‘Ma’ (मेरी) और ‘Dame’ (महिला/स्त्री) से मिलकर बना है, जिसका शाब्दिक अर्थ ‘मेरी महिला’ या ‘माई लेडी’ होता है, जिसका प्रयोग भारतीय संस्कृति में उचित नहीं माना जाता।)

जिनकी बैठक, केवल उनकी ही एंट्री :

‘मन की बात’ कार्यक्रम के बाद जब संगठनात्मक बैठकों का दौर प्रारंभ हुआ, तो परिसर में सिर्फ उन्हीं को प्रवेश दिया गया जिनकी बैठकें निर्धारित थीं। हालांकि, सभी को एक साथ भीतर नहीं जाने दिया गया। जिनकी जिस समय बैठक थी, उन्हें उसी समय प्रवेश की अनुमति मिली। अपनी तय बैठक का इंतजार करते हुए कई वरिष्ठ नेता परिसर के बाहर ही खड़े रहे।

वाहनों के प्रवेश पर रोक, कई दिग्गज नेताओं की गाड़ियां बाहर ही रोकी गईं :

कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में प्रवेश के समय किसी भी मंत्री, विधायक, सांसद या पदाधिकारी को अपने वाहन के साथ भीतर जाने की अनुमति नहीं दी गई। प्रदेश सरकार के मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक धरमलाल कौशिक, पूर्व मंत्री प्रेमप्रकाश पांडेय, भूपेंद्र सवन्नी, विभिन्न निगमों, मंडलों व आयोगों के अध्यक्षों, पूर्व सांसदों तथा विधायकों सहित जितने भी नेता बैठक के लिये पहुंचे, उन सभी के वाहन और उनके समर्थकों को सुरक्षा कारणों से बाहर ही रोक दिया गया।